जर्जर मकानों के पुनर्निर्माण व मानचित्र स्वीकृति को लेकर विनियमित क्षेत्र में हो रहा बड़ा घालमेल,पर अब बिगड़ेगा खेल

शहरी क्षेत्र में नजूल की जमीन पर बने पुराने और जर्जर मकान, दुकानों से कभी भी बड़ा हादसा होने की सम्भावना बनी है। बहुतों ने इसके पुनर्निर्माण के लिये लिये विनियमित क्षेत्र में आवेदन भी कर रखा है। लेकिन ज्यादातर आवेदन विभाग में धूल फांक रहे हैं। जिन आवेदनों पर प्रपार्टी डीलर या ऊंची पहुंच वालों की मोहर लग जाती है उनका नक्शा भी पास हो जाता है और नजूल पर निर्माण के लिये अनुमति भी मिल जाती है। ये कहना है अपना दल (एस) के जिलाध्यक्ष अविनाश पटेल का। अविनाश ने बाकायदा जिलाधिकारी से इसकी शिकायत की है और नजूल पर जर्जर हो चुके मकान,दुकान का नक्शा पास करने या फिर उचित कारण दिखाकर उनका आवेदन निरस्त करने के लिये शिकायती पत्र दिया है। वहीं जिलाधिकारी ने जांच कर कार्यवाही की बात कही है।

दरअसल जिले के शहरी क्षेत्र में नजूल की जमीन पर कई दशक पुराने बने बहुत से मकान ,दुकान जर्जर और निष्प्रयोज्य हो चुके है। कइयों ने इन जर्जर मकान दुकान के निर्माण और मानचित्र स्वीकृति के लिये विनियमित क्षेत्र में आवेदन कर रखा है। लेकिन विभागीय अधिकारी और कर्मचारी नजूल को सरकारी जमीन बताकर वहां निर्माण के लिये स्वीकृति नही दे रहे हैं। दे भी रहे हैं तो उन्हें,जिसका आवेदन शहर के चर्चित प्रॉपर्टी डीलरो या फिर किसी बड़ी सख्सियत से जुड़ा हो। ऐसे में बहुत से आवेदन दशकों ने विनियमित क्षेत्र में अभी भी लंबित पड़े हैं जबकि हाल फिलहाल पिछले एक दो सालों में दर्जनों मकान दुकान का निर्माण किया जा चुका है। अपना दल जिलाध्यक्ष अविनाश पटेल की माने तो विनियमित क्षेत्र में मानचित्र स्वीकृति के नाम पर मनमाना कार्य किया जा रहा है और सरकार के मंसूबो पर पानी फेरकर बदनाम किया जा रहा है। शिकायती पत्र में जिलाध्यक्ष अविनाश पटेल ने करीब छह वर्ष पहले चर्चा में रहे तुलसा द्विवेदी का प्रकरण उठाते हुये कहा कि तत्कालीन अधिकारियों और स्थानीय अदालत ने मानचित्र स्वीकृति और पुनर्निर्माण के आवेदन को निरस्त कर दिया था, जिसके बाद तुलसा द्विवेदी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, हाइकोर्ट ने सुनवाई करते हुये तुलसा द्विवेदी के पक्ष में फैसला सुनाते हुये नजूल की जमीन का नक्शा सशर्त स्वीकृत करने और वहां पुर्ननिर्माण का आदेश पारित करने के सम्बंध में निर्देश दिया। उसी आधार पर अब तक बड़े बड़े प्रपार्टी डीलरों और बड़े नाम वालों को पुनर्निर्माण और मानचित्र स्वीकृति का आदेश भी हो गया है, लेकिन जिसके पास कोई जुगाड़ नही है उसे अरसे तमाम औपचारिकताओ के बहाने दौड़ाया जा रहा है।

बाइट-अविनाश पटेल

वीओ- फिलहाल अपना दल जिलाध्यक्ष की शिकायत का संज्ञान लेते हुये जिलाधिकारी ने जांच कराकर कड़ी कार्यवाही करने की बात कही है।

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