नाकामी छिपाने के लिए कोरम पूर्ति में जुटा आबकारी विभाग


उ0प्र0(सुलतानपुर) जिले के बीच से होकर गुजरने वाली आदि गंगा गोमती की गोद में शाम होते ही अवैध देशी शराब के कारोबार की भटिठ्या धधक उठती है। पड़ोसी जनपद जौनपुर के बार्डर के पास स्थित चॉदा के डेवाढ़ जंगल से प्रतिदिन शुरू होने वाला नशे के कारोबार का यह खेल कुड़वार के बरासिन तक हर किलोमीटर के दायरे में चल रहा है। सूर्य अस्त होने के साथ ही इन जगहो पर सस्ती शराब के शौकीनों और चन्द रूपए में मौत का पौवा बेचने वाले कारोबारियों का जमावड़ा लग जाता है। स्थानीय पुलिस और आबकारी विभाग की सेटिंग के चलते बेखौफ कारोबार चंद घण्टों में हजारों रूपए का व्यापार कर निकल जाते है और किसी जिले में जहरीली शराब से मौत होने के बाद विभाग नजराना न पाने वाले कुछ चन्द लोगों के यहॉ कार्यवाही कर कोरम पूर्ति भी करता है।

सूत्रों की माने तो गोमती नदी किनारे अवैध शराब के अड्डों पर पियक्कड़ों की भीड़ लगी रहती है। कम दाम के लालच में ज्यादा नशे के चक्कर में जान हथेली पर रखकर कच्ची शराब का सेवन किया जा रहा है। कोतवाली क्षेत्र के बेनीपुर, महमूदपुर, सखौली, नरेंद्रपुर घाट दियरा घाट, लोटिया,महमूदपुर, पैगूपुर, पापर घाट के समीप अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। आए दिन जहरीली शराब से मौत का मामला प्रदेश में आता रहता है सरकार भी अवैध कच्ची बाजरी ली शराब को बेचने व बनाए जाने पर प्रतिबंध लगाने के लिए आबकारी विभाग के उच्चाधिकारियों की नकेल कसती रहती है इसके बावजूद लंभुआ का आबकारी महकमा कुंभकरणी नींद से जागने का नाम नहीं ले रहा है।

……………….सूत्रों की माने तो स्थानीय थाना क्षेत्र के दर्जन भर गांवो में अवैध शराब का धंधा जोरो पर है। गाँव-गाँव भठ्ठिया लगाकर कच्ची दारू बनाकर बेची जाती है। बीच बीच मे स्थानीय थाने की पुलिस अभियान चलाकर शराब की भठ्ठी को नष्ट करके संलिप्त लोगो का चालान करती है,लेकिन आबकारी महकमा इस पर संज्ञान नही लेता। क्षेत्र के मिठनेपुर,कुडि़यरवा कोटा,नौगवारायतसी, खादर बसंतपुर, भंडरा, लाला का पुरवा, गंजेहड़ी,नीरसहिया सहित अन्य कई गांवों में अवैध शराब का धंधा जोरो पर है। इन गांवो में अवैध शराब की भट्टी धधकती है। यहाँ शराब पीने वालों को कम रेट में दारू मिल जाती है। इससे यहां शाम होते ही कच्ची दारू पीने वाले पहंुच जाते है।
कूरेभार प्रतिनिधि के अनुसार- कुछ शराब प्रेमियों से बात करने पर उन्होंने बताया, इस समय शादी विवाह का सीजन चल रहा है। जिससे शराब की बिक्री अपने चरम पर है। दुकानों में सुवह से शाम तक भीड़ जमा रहती है। और इसी का फायदा उठाकर शराब ठेकेदारों द्वारा ग्राहकों से छपे मूल्य से ज्यादा पैसा एेंठा जा रहा है। तथा साथ साथ इनके द्वारा मिलावटी शराब भी खूब धड़ल्ले से बाजारों व कस्बों में बेंची जा रही है। एक शराब प्रेमी ने तो अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया हर बाटल में 20 से 30 रुपया ज्यादा लेकर ग्राहकों को बेंचा जा रहा है।

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