-राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी, कहा बेरोजगारों को दिया जाए योग्यतानुसार भत्ता


सुल्तानपुर। चरम पर पहुंचती महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त भारतीय बेरोजगार मोर्चा ने बुधवार को केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ़ हल्ला बोल दिया। सड़क पर उतरे बेरोजगारों ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब बेरोजगार चुप बैठने वाले नहीं हैं।

तिकोनिया पार्क में जुटे मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि आज़ादी के 74 साल बीत जाने के बाद भी बेरोजगारी चरम सीमा पर पहुंच गई है। बेरोजगारी बढ़ने का मुख्य कारण यूपीए और एनडीए सरकार की गलत नीतियां हैं। बेरोजगारी स्तर खत्म करने के लिए किसी भी तरह का कानून नहीं बनाया गया। इसी वजह आज पढ़े लिखे युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। इसका प्रभाव देश के आर्थिक विकास पर पड़ रहा है। देश में निरंतर गरीबी बढ़ती जा रही है। खुशहाल देशों के रैंकिंग में भारत लगातार गिरता जा रहा है। सभा को एडवोकेट सिद्धार्थ भीम बौद्ध, भीम विक्रम नागवंशी, राजेश गौड़, सनी निगम आदि संबोधित किया। धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारी घनश्याम को ज्ञापन सौंपा गया।

भटक रहे युवाओं के कदम

ज्ञापन में मोर्चा ने पांच मुख्य समस्याओं का जिक्र किया है। कहा कि देश का बेरोजगार अपराध की तरफ बढ़ रहा है। देश का युवा नौकरी न मिलने पर मानसिक रूप से कमजोर हो रहा है। युवा व्यसनाधीनता की ओर अग्रसर है। सालों साल सरकारी भर्ती न होने से युवाओं की उम्र सीमा खत्म हो रही है। सरकार की घटिया नीति से आत्महत्या की दरों में बढ़ोतरी हुई है। इन सब समस्याओं से ग्रसित युवाओं के कदम भटक रहे हैं। सरकार को इस तरफ ध्यान देना होगा।

मांगे हो पूरी, भागेगी बेरोजगारी
मोर्चा ने राष्ट्रपति को संबोधित पत्र लिखा है कि देश के सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओ में ज्यादा से ज्यादा रोजगार का निर्माण किया जाए। सभी बेरोजगारों को जब तक नौकरी नहीं मिलती, उन्हें भत्ता दिया जाय। 10वीं पास को 8000, 12वीं पास को 10,000.00, ग्रेजुएट बेरोजगारों को 15,000.00, पोस्ट ग्रेजुएट को 20,000.00 रूपया प्रति माह दिया जाय। स्वरोजगार व उद्योग निर्माण के लिए 05से25 लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाय, रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए, संविदा कर्मियों को कानून बनाकर नियमित किया जाय।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here