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एक फतवे की वजह से सानिया मिर्जा की जिंदगी में आ गया था भूचाल

एक फतवे की वजह से सानिया मिर्जा की जिंदगी में आ गया था भूचाल

भारत की टेनिस स्टार सानिया मिर्जा (Sania Mirza) ने अपने करियर में कई मुकाम हासिल किये हैं लेकिन एक विवाद ने उनकी जिंदगी में उथल-पुथल पैदा कर दी थी

नई दिल्ली. सानिया मिर्जा (Sania Mirza), भारत की वो टेनिस सनसनी जिसने 6 ग्रैंड स्लैम डबल्स टाइटल जीते हैं. जो ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन का डबल्स खिताब अपने नाम कर चुकी हैं. 13 अप्रैल 2015 को उन्होंने डबल्स में नंबर 1 रैंकिंग भी हासिल की. देश ने उन्हें पद्म सम्मान, अर्जुन पुरस्कार, राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया. देश की इस बेटी ने हर ओर तिरंगे का मान बढ़ाया लेकिन एक दिन सानिया मिर्जा को इसी हिंदुस्तान में एक ऐसा तूफान भी झेलना पड़ा जिसे याद कर वो आज भी दुखी हो जाती हैं. 8 सितंबर 2005, ये वो तारीख है जिसने सानिया मिर्जा की जिंदगी को पूरी तरह से पलट दिया था. ये वो तारीख है जिसके बाद उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता होने लगी. इस दिन सानिया मिर्जा के खिलाफ एक मुस्लिम धर्मगुरु ने फतवा जारी कर दिया था और इसकी वजह थी उनकी स्कर्ट. सानिया मिर्जा की स्कर्ट से मचा बवाल सानिया मिर्जा (Sania Mirza) चूंकि एक टेनिस प्लेयर हैं तो ड्रेस कोड के मुताबिक वो स्कर्ट पहनकर ही खेलती थीं. लेकिन वो ये नहीं जानती थी कि उनकी ये ड्रेस कुछ लोगों को चुभ जाएगी और वो इसके खिलाफ फतवा तक जारी कर देंगे. सितंबर 2005 में सानिया मिर्जा की टेनिस ड्रेस को लेकर ही एक मुस्लिम धर्मगुरु ने फतवा जारी किया. धर्मगुरु का कहना था कि इस्लाम में महिलाओं को स्कर्ट, शॉर्ट्स और स्लीवलेस टॉप पहनने की मनाही है. यही नहीं उस धर्मगुरु ने कथित तौर पर सानिया मिर्जा को दोबारा ऐसे कपड़े पहनने पर नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी. सानिया के खिलाफ ये फतवा कुछ ही घंटों में देश की सबसे बड़ी खबर बन गया और जिसके बाद उनकी जिंदगी ही बदल गई. बदल गई सानिया की जिंदगीफतवे के बाद सानिया मिर्जा (Sania Mirza) के साथ क्या हुआ, इसका जिक्र उन्होंने अपनी बायोग्राफी ‘ऐस अगेंस्ट ऑड्स’ (Ace against Odds) में किया है. उन्होंने अपनी बायोग्राफी में खुलासा किया कि 8 सितंबर 2005 का दिन उनकी यादों में हमेशा रहेगा. सानिया मिर्जा ने अपनी जीवनी में लिखा है, ’15 सितंबर 2005 को जब मैं अपनी मां के साथ कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट पहुंची तो मैं हैरान रह गई. मेरे चारों ओर भारी तादाद में सुरक्षाबल तैनात थे. टूर्नामेंट से दो दिन पहले मेरी सुरक्षा के लिए कई हथियारबंद पुलिसवाले लगाए गए थे, जो 24 घंटे मेरी सुरक्षा में रहते थे. मुझे स्टेडियम भी लड़ाई का मैदान लगने लगा था जहां कई पुलिसवाले मेरी सुरक्षा कर रहे थे.’ सानिया मिर्जा (Sania Mirza) ने बताया कि उन्हें तुरंत डर लगने लगा और उन्होंने फोन कर पिता को बुला लिया. सानिया के इस फोन ने उनके पिता को भी परेशान कर दिया और वो भी उसी होटल में पहुंच गए. टूर्नामेंट सही समय पर शुरू हुआ और सानिया मिर्जा दूसरे राउंड में पहला सेट जीतने के बाद ही हार गईं. सानिया मिर्जा ने बताया कि ये हार उन्हें फतवा विवाद के बाद जन्मे दबाव से ही मिली. मीडिया से नाराज थीं सानिया
सानिया मिर्जा (Sania Mirza) इस पूरे विवाद में मीडिया से भी बेहद नाराज थीं. उन्होंने अपनी बायोग्राफी में लिखा कि मीडिया ने बड़ी खबर के लिए इस मुद्दे को जानबूझकर बड़ा बनाया. सानिया ने अपनी बायोग्राफी में लिखा, ‘ मौलवी ने असल में ये कहा था कि इस्लाम औरतों को खुले में स्कर्ट्स, शॉर्ट्स और स्लीवलेस टॉप्स पहनने की आज़ादी नहीं देता. इसके बाद सभी जानकार बहुत ज्यादा जोश में आ गए और अपने-अपने निष्कर्ष निकालने लगे. उन्होंने तो इतना तक कह दिया कि मौलवी साहब ने मुझे नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है.’ सानिया मिर्जा इस विवाद को अपने करियर का सबसे खराब लम्हा बताती हैं. रवि शास्त्री पर जान छिड़कती थी ये एक्ट्रेस, एक मजाक की वजह से खत्म हुआ रिश्ता! विवाद : ग्रेग चैपल ने कैसे की सौरव गांगुली का करियर तबाह करने की कोशिश!







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