बुजुर्ग किसान मंगलवार को डीएम की चौखट पर पहुंच गया और बोला, ‘साहब मैं जिंदा हूं लेखपाल ने मेरी जमीन किसी और के नाम कर दी’.


सिद्धार्थ गुप्ता : बांदा (उत्तर प्रदेश)

उत्तर प्रदेश के बांदा में लेखपाल की करतूत

किसी और के नाम की किसान की जमीन
उत्तर प्रदेश के बांदा राजस्व विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है. जानकरी के मुताबिक नरैनी तहसील के निवादा गांव के रहने वाले बुजुर्ग किसान की जमीन को लेखपाल ने उसे सरकारी कागजों पर मृत दिखाकर किसी और के नाम कर दी. बुजुर्ग किसान को जानकारी होने पर उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई.

बुजुर्ग किसान ने लेखपाल से लेकर तहसील के अधिकारियों के चक्कर लगाए. लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई. ऐसे में बुजुर्ग किसान मंगलवार को डीएम की चौखट पर पहुंच गया और बोला, ‘साहब मैं जिंदा हूं लेखपाल ने मेरी जमीन किसी और के नाम कर दी’. अपने जिंदा होने का सबूत पेश करने लगा. फिलहाल, डीएम ने एसडीएम नरैनी रावेंद्र सिंह से फटकारते हुए मामले में रिपोर्ट तलब की है.

नरैनी तहसील के मलेहरा निवादा गांव के रहने वाले बुजुर्ग किसान शिवप्रसाद के मुताबिक, लेखपाल ने उसे मृत दिखाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी साढ़े 3 बीघे जमीन जिसकी कीमत करीब 20 लाख रुपये है. किसी और के बेटों के नाम कर दी, जबकि मेरे तीन बेटे हैं. 

किसान ने बताया कि गांव में उसके नाम के रहने वाले शिवप्रसाद की मृत्यु हो चुकी है और उन्हीं के बेटों के नाम लेखपाल ने मोटी रकम लेकर जमीन लिख दी है. वह कई महीनों से लेखपाल से लगाकर तहसील के अधिकारियों के चक्कर लगाकर परेशान हो गया हूं. किसान ने डीएम से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि साहब मेरी जमीन वापस दिलवाई जाए वरना मेरा परिवार भूखों मर जाएगा. पीड़ित ने लेखपाल सहित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है. 

उधर, इस मामले में डीएम अनुराग पटेल ने एसडीएम नरैनी से 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट तलब की है. साथ ही उन्होंने फटकारते हुए कहा कि बुजुर्ग किसान की जमीन की जांच कराकर मुझे अवगत कराएं. वहीं एसडीएम नरैनी रावेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है. दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आज तक

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