जिला अस्पताल में दर्द से कराह रहा दलित युवक, पुलिस की कार्यप्रणाली संदिग्ध
(सुल्तानपुर)हफ्ते भर पूर्व हुए दलित पर हमले के मामले में कार्यवाही सिफर है ।घायल दलित जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में आहें भर रहा है और बंधुआ कला पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है ।इस पूरे मामले में बंधुवा थाने के वर्दीधारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।स्थानीय निवासी एक दलित बीते छह अगस्त को युवक साजिश का शिकार हुआ और उसे और उसके साथ घर पर मौजूद राजगीर और मिस्त्री को बुरी तरीके से मारा पीटा गया। आलम यह है कि थाने पर तहरीर देने गए एक रिश्तेदार को भी मुंशी प्रवीण सिंह ने मारपीट कर अंदर कर दिया ।आरोप है कि पैसा पाकर उस का शांति भंग में चालान कर दिया ।इस पूरे मामले में यदि जांच हो तो कई पुलिसकर्मी भी पर्दे के पीछे दोषी पाए जाएंगे।वहीं हमलावर क्षेत्र में खुले में घूम रहे हैं।
चोटहिल के अनुसार बीते छः अगस्त को बंधुआ कला थाना क्षेत्र के ग्राम सलेमपुर निवासी दिलेश्वर प्रसाद ने लेबर मिस्री एकत्रित कर शासन प्रशासन के सहयोग से अपनी पुश्तैनी जमीन पर दीवार खडी करके पर्दा करने की कोशिश की तभी पत्रकारिता का लबादा ओढ़े रोजगार सेवक अर्जून प्रसाद के बुलाए गुंडे व परिवार के 20-25 लोगों ने दिलेश्वर प्रसाद के घर की लूट पाट की तथा तलवार, सब्बल ,कट्टा,कुल्हाड़ी आदि धारदार हथियारों से मारकर मजदूरों के साथ ही दिलेश्वर प्रसाद को भी मारकर अचेत कर दिया ।जान बचा कर सभी मजदूर घरों में घुस कर दुबक गए ।और डायल112करने लगे।पुलिस के आने तक लेबर मिस्री व दिलेश्वर भी मोटरसाइकिलों को तब तक पीटते रहे जब तक वो कबाड़ में तब्दील नहीं हो गई ।
सनद रहे की स्थानीय पुलिस की भूमिका भी विचारणीय है ।विदित हो की गाटा संख्या 65 राजस्व ग्राम सलेमपुर पर दिलेश्वर का मकान बना हुआ है ।इसी से सटा हुआ राजस्व गाँव सोनबरसा गाटा संख्या 25,26 बाबूलाल पुत्र सुक्खू यादव के नाम दर्ज है ।इस भूमि पर अर्जून व उनका परिवार जबरिया लाठी गोली के बल पर मकान बना कर रह रहे हैं ।नेशनल हाइवे के किनारे मकान होने के कारण जमीन बहुत कीमती है ।दिलेश्वर की जमीन कब्जाने के नीयत से रोड के तरफ का दरवाजा बंद करके दिलेश्वर और अर्जून के बीच खडी दीवार को अर्जून ने हटवा लिया ।जिससे यह प्रतीत होता है कि सोनबरसा निवासी अर्जून सलेमपुर गाँव में अपना द्वार कर लिया है ।जिससे अपनी जमीन बचाने के लिये शासन प्रशासन से कई बार मदद मांगी ।पुलिस के आश्वासन के बाद भी दिलेश्वर ने दीवार बनाना चाहा ।अभी जमीन पर फावड़ा मारा भी नहीं गया था अर्जून के बुलाए गुंडे दिलेश्वर सहित सभी मजदूरों पर कहर बन कर टूट पडे। जिसका परिणाम यह हुआ कि सुल्तानपुर के जिला अस्पताल में जिंदगी -मौत से जूझ रहा दिलेश्वर प्रसाद भ्रष्टाचार निवारण एवं विकास मंच नामक संगठन के माध्यम से गरीबों मजलूमों की लडाई लडने वाला के नाम से पूरे जिले में जाने जाते है दिलेश्वर प्रसाद हमारे संवाददाता द्वारा यह भी जानकारी बताई गई की फर्जी पत्रकार का बढैयाबीर में मोटर गैरेज है ।जिसमें मैकेनिक का काम करता है ।अर्जून प्रसाद मिस्री लूट और बलबा में शामिल पत्रकार ने मुकदमे से बचने के लिये असली नकली पत्रकारों की भीड़ जुटाकर बना रहे पुलिस प्रशासन पर दबाव । घटना स्थल पर लगा सी सी टीवी कैमरा साबूत लेकर कर रहा जांच अधिकारी का इंतजार ।

सुल्तानपुर एक्सप्रेस समाचार

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