एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश मुख्यमंत्री केजरीवाल को मिली जमानत,एक केस में आरोप तय

सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेंडिंग होने के बावजूद अपने मुकदमों को शीघ्र निस्तारित कराने की बात कहकर स्वेच्छा से हाजिर हुए सीएम अरबिंद केजरीवाल,करीब छह वर्षो से लटका था मामला

स्पेशल जज पीके जयंत ने केजरीवाल की उन्मोचन अर्जी व अगली सुनवाई के लिए तय की तीन नवम्बर की तारीख,दूसरे मुकदमे में गवाह के खिलाफ सम्मन,कुमार विश्वास समेत दो के खिलाफ बीडब्ल्यू

रिपोर्ट-अंकुश यादव

सुलतानपुर। सुप्रीम कोर्ट से मुकदमों में काफी समय से हाजिरी से राहत पाये मुख्यमंत्री अरबिंद केजरीवाल ने सोमवार को स्वेच्छा से एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश होकर जमानत अर्जी प्रस्तुत की। स्पेशल जज पीके जयंत ने दोनों मामलों में सीएम केजरीवाल की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। वहीं अदालत ने गौरीगंज से जुड़े केस में कुमार विश्वास की तरफ से प्रस्तुत केस वापसी की अर्जी खारिज कर गैरहाजिर रहे आरोपियों को जमानतीय वारंट व गवाह को सम्मन जारी कर तलब किया है। मामले में पेश हुए केजरीवाल पर आरोप भी तय हुआ। वहीं दूसरे केस में उनकी तरफ से प्रस्तुत उन्मोचन अर्जी पर पक्षकारों से आपत्ति आमंत्रित करते हुए कोर्ट ने दोनो मुकदमो में अगली कार्यवाही के लिए तीन नवम्बर की तारीख तय की है।
मालूम हो कि वर्ष 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान गौरीगंज एवं मुसाफिरखाना थाने में तत्कालीन आम आदमी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी कुमार विश्वास के प्रचार में आये होने के दौरान दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। गौरीगंज से जुड़े मामले में पुलिस ने अरविंद केजरीवाल, कुमार विश्वास, हरीकृष्ण,राकेश तिवारी अजय सिंह, बब्लू तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया,जबकि मुसाफिरखाना से जुड़े मुकदमें में अरबिंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल हुआ। दोनो मामले का विचारण एमपी-एमएलए की विशेष अदालत में चल रहा है। मामले में अरविंद केजरीवाल और कुमार विश्वास की तरफ से सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी, जिस पर सुनवाई के पश्चात सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें अग्रिम आदेश तक हाजिरी से छूट प्रदान की थी। सर्वोच्च न्यायालय में यह याचिका करीब छह वर्षों से विचारधीन है,जिसमें अभियोजन की तरफ से पैरवी में कोई रुचि ही नहीं ली गई,जिसका नतीजा रहा कि मुकदमे की कार्यवाही काफी समय से लटकी पड़ी है।अभियोजन की इसी ढिलाई की वजह से लम्बित सुनवाई के मद्देनजर अदालत ने विशेष लोक अभियोजक के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शासन स्तर पर इस मुकदमे की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करने के लिए भी कहा था, जिससे कि काफी दिनों से लम्बित मामले में कार्यवाही आगे बढ़ सके। इस मामले में गैरहाजिर रहने की वजह न बताने के कारण कोर्ट से बीती पेशियों पर कुमार विश्वास के खिलाफ वारंट भी जारी हुआ था। जिस पर उनकी तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कई पेशियों से सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेंडिंग होने का हवाला देकर जारी वारंट सम्बन्धी आदेश निरस्त कराने के प्रयास में लगे हुए है,फिलहाल अभी तक उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। सोमवार को भी कुमार विश्वास व सह आरोपी बब्लू त्रिपाठी गैरहाजिर रहे ,जिनके खिलाफ कोर्ट ने जमानतीय वारंट जारी कर तलब किया है। उधर सुप्रीम कोर्ट में याचिका पेंडिंग होने के बावजूद सीएम केजरीवाल अपने खिलाफ लगे मुकदमो को शीघ्र निस्तारित कराने की मंशा जाहिर करते हुए स्वेच्छा से कोर्ट में हाजिर हुए,जिन्हें कस्टडी में लेकर कोर्ट ने उनकी तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर सुनवाई की। हालांकि उनके अंदर यह मंशा पहले क्यों नही पनपी और वे इससे पहले हाजिर होकर लम्बित अपने मुकदमें को निस्तारित कराने की बात क्यों नही सोचे जो आज शीघ्र केस निपटाने की बात कह रहे है,आखिर ऐसी क्या वजह सामने आ गई जिससे वह अब भी सुप्रीम कोर्ट में केस पेंडिंग होने के बाद भी केस में हाजिर होकर विधिक कार्यवाही अपना रहे है,अपने आप मे यह अहम सवाल है। फिलहाल स्पेशल जज पीके जयंत ने दोनो मामलों में सीएम अरबिंद केजरीवाल की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। वहीं अदालत ने गौरीगंज थाने से जुड़े केस में कुमार विश्वास की तरफ से प्रस्तुत केस वापसी की अर्जी खारिज कर मामले में पेश हुए केजरीवाल पर विभिन्न धाराओं में आरोप भी तय किया। केजरीवाल के जरिये लगे आरोपो से इंकार करने व विचारण की मांग करने पर अदालत ने मामले में साक्षी के खिलाफ सम्मन जारी कर तीन नवम्बर के लिए तलब किया है। कोर्ट ने अगली पेशी पर सह अभियुक्तों के हाजिर न होने की दशा में अरबिंद केजरीवाल की पत्रावली अन्य अभियुक्तों से पृथक करने का भी आदेश दिया है। वहीं अदालत ने दूसरे केस में उनकी तरफ से प्रस्तुत उन्मोचन अर्जी पर सम्बंधित पक्षकार से आपत्ति आमंत्रित करते हुए अगली सुनवाई के लिए तीन नवम्बर की तारीख तय की है। इस दौरान सुरक्षा के काफी कड़े इंतजाम रहे और उनके समर्थकों की भी काफी भीड़ जमा रही।

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