रिपोर्ट;__अशोक शुक्ल

सुलतानपुर ।थानाक्षेत्र कादीपुर के मालापुर परिहार चौराहे पर 17 वर्ष पूर्व रन बहादुर की हुई हत्या के मामले मे दो आरोपियो को अपर सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन नाथ पासवान ने दोषमुक्त करार दिया है ।
अभियोजन के मुताबिक कादीपुर थानाक्षेत्र के मालापुर परिहार नगर चौराहे पर वादी मुकदमा आशाराम दूबे का भाई रन बहादुर दूबे क्षेत्र पंचायत के चुनाव प्रचार के लिए 28 सितम्बर 2005 को शाम को 5 बजे बैठा था कि कादीपुर के मालापुर जगदीशपुर निवासी अजय कुमार सिंह उसके भाई को बुलाकर एकांत मे ले गया, जहा पर लाल पल्सर मोटरसाइकिल से विजय विक्रम सिंह तथा विवेक विक्रम सिंह पहुंच कर अन्धाधुन्ध फायरिंग करने लगे। घटना मे रन बहादुर दूबे गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे कादीपुर अस्पताल लोगो की मदद से ले जाया गया जहा पर डाक्टरो ने जिला अस्पताल रिफर कर दिया। जिला अस्पताल मे रन बहादुर की मॄत्यु हो गयी । थाना कादीपुर मे विजय विक्रम सिंह, विवेक विक्रम, अजय कुमार सिंह, देवी प्रसाद तथा राजकिशोर पर 302 /120 बी भदवि के तहत मुकदमा दर्ज हुआ ।दौरान विवेचना देवी प्रसाद तथा राजकिशोर की घटना मे संलिप्तता न पाये जाने पर पुलिस ने उन्हे क्लीनचिट देते हुए कोर्ट मे विजय विक्रम, विवेक विक्रम, अजय कुमार के खिलाफ आरोप पत्र 302 /34 भदवि मे दाखिल किया । दौरान विचारण मुकदमा आरोपी विजय विक्रम की मृत्यु हो चुकी थी। जिससे विजय विक्रम के खिलाफ मुकदमा समाप्त कर दिया गया ।दौरान विचारण अभियोजन ने आरोपो को गंभीर प्रकृति का बताते हुए आरोपियो को कडी सजा देने की मांग की परंतु अभियोजन अपनी दलीलो से अदालत को संतुष्ट कर पाने मे असफल रहा वही बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने तर्क रखा कि कथित आरोपी विवेक विक्रम सिंह सुलतानपुर मे कार्यरत शिक्षक है,घटना के समय सुलतानपुर शहर स्थित विघालय मे था। घटना के समय घटनास्थल पर मौजूद नही था साथ ही अन्य तर्क बचाव मे देते हुए आरोपियो को दोषमुक्त करने की मांग अदालत से की ।उभय पक्ष की दलीलो को सुनने के बाद उपलब्ध साक्ष्य एंव परिस्थतियों को देखते हुए सत्र न्यायाधीश त्रिभुवन नाथ पासवान ने अखण्डनगर मिश्रपुर निवासी शिक्षक विवेक विक्रम सिंह तथा कादीपुर थानाक्षेत्र के जगदीशपुर निवासी अजय कुमार सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया है ।

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