🔳वातानुकूलित दफ्तर को छोड़ने को तैयार नही अफसर, खतरे में जी रहे आम नागरिक

(सुल्तानपुर/योगेश यादव) जल निगम की लापरवाही के आज नागरिक मुसीबत झेल रहें।शहर में माल उतारने आ रहे भारी वाहन फँस रहें।परेशान व्यापारी को क्रेन और हाइड्रा बुलाकर गड्ढे में फंसे वाहनों को निकालने के लिए हजारों रुपये व्यर्थ में बहाना पड़ रहा है।

◼️पँचरास्ते पर हो रही दुर्घटनाये, जल निगम के अफसर हुए ढीठ

अति व्यस्त मार्ग पंच रास्ते पर प्रतिदिन सड़क दुर्घटनाएं हों रही हैं।अनियंत्रित होकर वाहन पलट रहे।तीन दिन पूर्व मैजिक वाहन के अचानक गड्ढे में धसने से स्कूल के बच्चे बाल बाल बचे।वहीं बच्चों को स्कूल पहुँचने पर देर हो गयी और स्कूल का बन्द गेट प्रिंसिपल के आदेश पर खुला।
◼️धूल के गुबार से समस्या ले रही विकराल रूप
जल निगम के द्वारा खोदे गए गड्ढों से निकली मिट्टी दिन भर उड़ती रहती है।जिस कारण दफ्तर आने-जाने वाले लोग धूल फांक रहे हैं। वही धूल के कारण दिल और दमे के साथ-साथ एलर्जी के शिकार लोग बीमार हो रहे हैं।
◼️अन्य रुट पर बढ़ा ट्रैफिक का बोझ
इतना ही नहीं दरियापुर मार्ग पर आने जाने से आम नागरिक बच रहे हैं ।जिससे वाहनों का अधिकांश लोड डाकखाना और गभरिया मार्ग हो गया है।
◼️डीएम को ज्ञापन देने के बाद भी जल निगम के अफसर ढिठाई और हेकड़ी दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं
(सुल्तानपुर) व्यापारी नेताओं द्वारा ज्ञापन के बाद डीएम कार्यालय से जब रिपोर्ट मांगी गई तो सारे अधिकारियों ने किसी न किसी बहाने को बता कर डीएम कार्यालय को संतुष्ट कर दिया। लेकिन हकीकत यह है कि ज्यादातर अफसर अपने वातानुकूलित कक्ष को छोड़ना नहीं चाहते। जिस कारण आम नागरिकों का रोज दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
◼️धूल शांत करने के लिए व्यर्थ हो रहा हजारों लीटर जल
(सुल्तानपुर)आम नागरिक धूल मिट्टी को शांत करने के लिए हजारों लीटर का पानी मजबूरी में मिट्टी पर डाल रहे हैं । यह जानकारी जल निगम के अफसरों को भी लेकिन ज्यादातर अफसर लखनऊ भाग जाते है। जिस कारण नीचे के कर्मचारी उस तन्मयता से कार्य नहीं करते जिस स्पीड से काम करना चाहिए।

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