संग्रामपुर थाना क्षेत्र में करीब सवा दो साल पहले घर मे अकेली मौजूद अभियोगी की मासूम बेटी के साथ संतोष सोनी ने किया था दुष्कर्म और शिकायत करने पर जान से मार डालने की दी थी धमकी

चार्जशीट दाखिल होने के बाद नौ नवम्बर 2020 को आरोपी के खिलाफ बना था चार्ज,मात्र 22 माह 15 दिन में कोर्ट की सक्रियता से आया फैसला

जज पवन कुमार शर्मा व जिले की अन्य अदालतों से लगातार आ रहे फैसलों से कई शातिर अपराधियों को मिल चुकी है करनी की सजा,सलाखों के पीछे कट रही उनकी जिंदगी,गुनहगारों की चल रही उल्टी गिनती,अपराधियों में दहशत

रिपोर्ट-अंकुश यादव

सुलतानपुर/ अमेठी। घर मे अकेली मौजूद 10 वर्षीय दलित मासूम को हबस का शिकार बनाने के मामले में आरोपी संतोष सोनी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की अदालत ने दोषी ठहराया है। जज पवन कुमार शर्मा ने अपराध की गम्भीरता को देखते हुए दोषी को उम्र-कैद व 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मालूम हो कि संग्रामपुर थाना क्षेत्र के रहने अभियोगी ने 19 अप्रैल 2020 की घटना बताते हुए स्थानीय थाने में अपनी 10 वर्षीय बेटी के साथ हुए दुष्कर्म की घटना के सम्बंध में इसी थाना क्षेत्र के शीतलागंज के रहने वाले आरोपी संतोष सोनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक घटना के समय दलित अभियोगी अपने बच्चों के साथ गेंहू काटने गया था,घर की देखभाल के लिए अभियोगी की 10 वर्षीय मासूम बेटी घर में अकेली मौजूद थी,तभी अचानक पहुंचा आरोपी संतोष सोनी घर में घुस गया और उसके पापा-मम्मी व अन्य के बारे में पूछने लगा,तो पीड़िता ने बताया कि वह सब घर पर मौजूद नही है। तभी आरोपी संतोष सोनी घर के अंदर घुसकर कुछ करने लगा,जिसे पीड़िता देखने गयी तो आरोपी ने उसका मुंह दबाकर जबरन दुष्कर्म किया और किसी से शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी। मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी को पीड़िता का पिता पढ़ाता था, जिसकी वजह से परिचित होने के नाते वह कभी- कभार उनके घर भी आ जाता था,शायद इसी दौरान आरोपी की बुरी नजर पीड़िता पर गड़ गई थी,जिसे मौका पाकर आरोपी संतोष सोनी ने अपनी हबस का शिकार बना डाला। आरोपी के हबस का शिकार बनी मासूम बेहोश होकर घर मे पड़ी थी,जिसे बेहोश देख गेंहू काटकर लौटे घर के लोग दंग रह गये। किसी तरह से पीड़िता ने अपनी माँ से आप बीती बताई। लेकिन परिवार की गरीबी,समाज मे बेइज्जती के डर व आरोपी की हैसियत देखकर पीड़ित पक्ष तीन दिनों तक आरोपी संतोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की हिम्मत ही नहीं जुटा सका। फिलहाल पीड़ित पक्ष का स्वाभिमान जागा व उसमें कुछ हिम्मत आई तो लड़की के पिता ने अपनी मासूम बेटी के साथ बरती गई इस दरिंदगी के सम्बंध में 22 अप्रैल 2022 को मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी संतोष सोनी के खिलाफ पीड़िता के 164 दण्ड प्रक्रिया संहिता के हुए बयान व अन्य साक्ष्यो के आधार पर उसके खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल हुआ। मामले में नौ नवम्बर 2020 को आरोपी के खिलाफ चार्ज बना। अभियोजन पक्ष की गवाही स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट की अदालत में 21 दिसम्बर 2020 से शुरू हुई। इस दौरान विशेष लोक अभियोजक सीएल द्विवेदी ने अभियोजन गवाहों को परीक्षित कराया और घटना को साबित करने में सफल रहे। विशेष लोक अभियोजक ने ऐसे घिनौने अपराध के आरोपी को दोषी ठहराकर कड़ी से कड़ी सजा से दण्डित किये जाने की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने अपने साक्ष्यों एवं तर्कों को प्रस्तुत कर आरोपी को बेकसूर बताने का पूरा प्रयास किया। मामले में उभय पक्षों को सुनने के पश्चात स्पेशल जज पवन कुमार शर्मा की अदालत ने आरोपी संतोष सोनी को दोषी करार देते हुए अपराध की गम्भीरता के दृष्टिगत उसे उम्र-कैद व 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालतों से इन दिनों आ रहे ताबड़तोड़ फैसलों से पीड़ित पक्षो को शीघ्र न्याय मिल रहा है और गरीबो,असहायों व उनकी लाचारी का नाजायज फायदा उठाकर उनकी इज्जत से खेलने वाले व बड़ी-बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले अपराधियों को उनकी करनी की सजा मिल रही है,जिससे अपराधियो में दहशत का माहौल है।

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