इजरायल और ग़ज़ा के बीच 11 दिन बाद संघर्षविराम(AP Photo/Hatem Moussa)

इजरायल और ग़ज़ा के बीच 11 दिन बाद संघर्षविराम(AP Photo/Hatem Moussa)

Israel Hamas Ceasefire:अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल-गाजा युद्धविराम की पुष्टि की है. बाइडन ने युद्धविराम के लिए इज़राइल की सराहना की.

ग़ज़ा सिटी. इज़राइल और हमास (Israel Hamas ) गुरुवार को संघर्ष विराम के लिए सहमत हो गए.  11दिन तक चले इस युद्ध की वजह से ग़जा़ पट्टी में तबाही मची. अधिकांश इज़राइल में जीवन ठप हो गया और 200 से अधिक लोग मारे गए. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट ने ग़जा़ पट्टी में 11 दिन से चल रहे सैन्य अभियान को रोकने के लिए एकतरफा संघर्षविराम को मंजूरी दी है. मीडिया में आयी खबरों में कहा गया है कि हमलों को रोकने के लिए अमेरिका की ओर से दबाव बनाए जाने के बाद यह फैसला किया गया है. संघर्षविराम की घोषणा पर नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि उनके सुरक्षा मंत्रिमंडल ने इजरायल के सैन्य प्रमुख और अन्य शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों की सिफारिशों के बाद मिस्र के संघर्ष विराम प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है.  बयान में कहा गया कि ‘ऑपरेशन में महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी मिलीं जो बहुत अभूतपूर्व हैं.’ बयान के मुताबिक, ‘राजनीतिक नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जमीनी हकीकत ऑपरेशन का भविष्य तय करेगी.’ इजरायली  पीएम के दफ्तर द्वारा जारी किए गए इस बयान को हमास के लिए धमकी की तरह माना जा रहा है. ग़जा़ स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 65 बच्चों और 39 महिलाओं सहित कम से कम 230 फिलीस्तीनियों की मौत हो गई. वहीं  1,710 लोग घायल हो गए. दूसरी ओर इजराइल में 5 साल के लड़के और 16 साल की लड़की समेत 12 लोगों की मौत हो गई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति ने की सराहनाइसके साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल-गाजा युद्धविराम की पुष्टि की है. बाइडन ने युद्धविराम के लिए इज़राइल की सराहना की. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने आतंकवादी समूहों से खुद का बचाव करने के लिए इजरायल का समर्थन किया. बाइडन कहा कि उनका प्रशासन यह सुनिश्चित करने में मदद करेगा कि भविष्य के लिए आइरन डोम सिस्टम की पूर्ति की जाए. बाइडन ने कहा- ‘मेरा मानना ​​है कि हमारे पास आगे बढ़ने का एक वास्तविक अवसर है, और मैं इसके लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं.’

गौरतलब है कि इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम नेतन्याहू के लिए संवेदनशील समय पर आया है. इसी साल मार्च में एक अनिर्णायक चुनाव के बाद नेतन्याहू संसद में बहुमत का गठबंधन बनाने में विफल रहे. उनके विरोधियों के पास अब अपनी वैकल्पिक सरकार बनाने के लिए 2 जून तक का समय है.









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