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लखनऊ23 मिनट पहले

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  • बीते 24 घण्टे में लखनऊ में 5902 नए केस सामने आए, 21 की हुई मौत, 14198 संक्रमित ठीक हुए हैं.

उत्तर प्रदेश में कोरोना का कहर दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पिछले 24 घंटें में रिकॉर्ड 30214 नए कोविड-19 मिले हैं 187 मौत के साथ प्रदेश में मरने वालों का आंकड़ा 10346 हो गया है। मौजूदा समय में प्रदेश में 2,42,665 एक्टिव केस हैं। एक बार फिर लखनऊ में सबसे ज्यादा केस अन्य जिलों से मिले हैं। 5902 नए केस और 21 मौतें हुई हैं।

बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में 55, 980 सक्रिय केस लखनऊ में हैं। 14,098 के संक्रमित मरीज ठीक हो कर घर पहुंचे हैं। वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ऑक्सीजन सिलेंडर औऱ कोविड सम्बंधित दवाओं की कालाबाजारी करने वालों पर NSA लगाए जाने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, करुणा से सबसे ज्यादा प्रभावित लखनऊ कानपुर प्रयागराज वाराणसी की हालात पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीएम योगी आदित्यनाथ अधिकारियों के साथ समीक्षा की। संसाधनों के पर्याप्त व्यवस्था और मेडिकल सेवाओं को बेहतर किए जाने और मरीजों इलाज में कोई दिक्कत ना हो इसके निर्देश दिए हैं।

बीते 24 घंटे के अंदर लखनऊ के बाद सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में वाराणसी जहां पर वाराणसी में 2664, कानपुर नगर में 1811, प्रयागराज में 1828, मेरठ में 1273 केस आए हैं। इसके अलावा गौतम बुद्ध नगर में 536 केस, गोरखपुर में 987 केस आए, बरेली में 983, झांसी में 873, मुरादाबाद में 440, मुजफ्फरनगर में 679 केस आए हैं। कोविड पॉजिटिव सीएम ने हालात को देखते हुए कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित चार जिलों लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी की हालत की समीक्षा कर रहे हैं।

प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज, संस्थान और चिकित्सा महाविद्यालय 24 घंटे जुड़े रहेंगे कंट्रोल रूम से

योगी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आपातकालीन ऑक्सीजन की महत्ता को देखते हुए पहल की है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज, संस्थान और चिकित्सा महाविद्यालय पर अब पल-पल नजर रहेगी। इसके लिए महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के कार्यालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया जा रहा है। कंट्रोल रूम से न सिर्फ ऑक्सीजन आपूर्ति पर नजर रखी जाएगी, बल्कि किसी भी प्रकार की आवश्यकता पर तत्काल समाधान कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी ने हाल ही में टीम 11 की समीक्षा बैठक में अस्पतालों में कम से कम 36 घंटे की ऑक्सीजन उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। सीएम के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम शुरू कर रहा है, जिससे प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज, संस्थान और चिकित्सा महाविद्यालय 24 घंटे जुड़ेंगे।

कंट्रोल रूम गूगल शीट पर ऑक्सीजन के बारे में सूचना दिन में चार बार अपडेट करेगा। अस्पताल भी ऑक्सीजन संबंधी सूचना गूगल शीट पर अपडेट करेंगे। ऑक्सीजन आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों के लिए भी एक गूगल शीट तैयार किया गया है, जिस पर अस्पताल अपनी समस्याओं का जिक्र करेंगे और कंट्रोल रूम उन समस्याओं का निराकरण तुरंत कराएगा।

ऑक्सीजन की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जा रही: आलोक कुमार

प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार ने बताया कि अस्पतालों या संस्थानों में कम से कम तीन दिनों तक ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए निदेशालय स्तर पर डॉ. आरसी गुप्ता को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वह रोजाना कम से कम चार बार ऑक्सीजन आपूर्ति, उपलब्धता का अनुश्रवण करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी कॉलेज और संस्थान में ऑक्सीजन की कमी न होने पाए। इसके बावजूद यदि महानिदेशक, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण या नोडल अधिकारी के स्तर पर किसी समस्या का समाधान नहीं हो पाता है, तो तत्काल शासन के उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे, ताकि जल्द से जल्द समाधान किया जा सके। अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता लगातार सुनिश्चित की जा रही है।

ऑक्सीजन की समस्या दूर कराएंगे नोडल अधिकारी

मेडिकल कालेजों और संस्थानों में नामित नोडल अधिकारी चिकित्सालय की आवश्यकता के अनुसार कम से कम तीन दिन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन के स्टाक की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगे। नोडल अधिकारी निदेशालय स्थित कंट्रोल रूम के लगातार सम्पर्क में रहेंगे और ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए समन्वय स्थापित करेंगे। नोडल अधिकारी द्वारा ऑक्सीजन की कमी की स्थिति में तत्काल निदेशालय स्थित कंट्रोल रूम और अन्य उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाएगा। कंट्रोल रूम में ड्रग कंट्रोलर और ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता फर्म के नम्बर भी रहेंगे, जिसे संबंधित मेडिकल कालेजों और संस्थानों से भी साझा किया जाएगा।

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