भारतीय फुटबॉल टीम फिलहाल दोहा में है. (Twitter/AIFF)

भारतीय फुटबॉल टीम फिलहाल दोहा में है. (Twitter/AIFF)

भारतीय फुटबॉल टीम दोहा में प्रैक्टिस कैंप में हिस्सा ले रही है. कुशल दास ने बताया कि बांग्लादेश ने अपनी प्रीमियर लीग अभी खत्म की है और तब से टीम शिविर में है. कई अफगानिस्तानी खिलाड़ी भी यूरोप में खेलते हैं जिससे उन्हें काफी अभ्यास का मौका मिला है.

नई दिल्ली. अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के महासचिव कुशल दास ने सोमवार को कहा कि पुरुष राष्ट्रीय टीम को अगले महीने कतर में 2022 फीफा विश्व कप और 2023 एशियाई कप के संयुक्त क्वालिफायर के बचे हुए मुकाबलों में कड़ी चुनौती का सामना करना होगा. टीम करिश्माई सुनील छेत्री की वापसी से मजबूत हुई है और दोहा में जैविक रूप से सुरक्षित माहौल में चल रहे अभ्यास शिविर में हिस्सा ले रही है. भारतीय टीम का पहला मैच तीन जून को मेजबान कतर से है और फिर उसे सात जून को बांग्लादेश और 15 जून को अफगानिस्तान से खेलना है. दास ने पीटीआई से कहा, ‘कोच इगोर स्टिमक को चुनौती का सामना करना होगा, बांग्लादेश ने अपनी प्रीमियर लीग अभी खत्म की है और तब से टीम शिविर में है. कई अफगानिस्तानी खिलाड़ी भी यूरोप में खेलते हैं और वे पिछले कुछ समय से दुबई में शिविर में हैं जिससे उन्हें काफी अभ्यास का मौका मिला है.’ इसे भी पढ़ें, ‘दुबई के परिणामों का विश्व कप और एशिया कप क्वालिफायर्स पर नहीं पड़ेगा कोई असर’ भारतीय टीम ग्रुप ई में तीन अंक के साथ चौथे स्थान पर है और विश्व कप स्थान की दौड़ से बाहर हो चुकी है लेकिन उसके पास अब भी चीन में 2023 एशियाई कप के लिए क्वालिफाई करने का मौका है. टीम को दो मई के बाद से कोलकाता में राष्ट्रीय शिविर में हिस्सा लेना था लेकिन देश भर में कोविड-19 महामारी के बढ़ने से इसे रद्द करना पड़ा.एआईएफएफ भारत में अनिवार्य परीक्षण और आइसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद कतर में छोटा सा शिविर कराने में सफल रहा. उन्होंने कहा, ‘परिस्थितियां मुश्किल हैं लेकिन कोई विकल्प नहीं है क्योंकि आइसोलेशन और जैविक रूप से सुरक्षित माहौल अब जरूरी हो गए हैं और टीम की सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है.’









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