प्रतीकात्मक तस्वीर।
– फोटो : अमर उजाला।

ख़बर सुनें

सीबीगंज के गांव सनौआ से इज्जतनगर के परतापुर में पहुंची थी बरात
मंगनी में हुआ खर्च वापस करने पर लड़की पक्ष ने नहीं की पुलिस कार्रवाई

बरेली। निकाह की रस्में शुरू होने से पहले ही लड़के ने दहेज में बुलेट बाइक की मांग रख दी। यह सुनकर लड़की बिफर पड़ी। उसने दहेज लोभियों को सबक सिखाते हुए निकाह करने से इनकार कर दिया और बरात लौटा दी। पंचायत के बाद वर पक्ष मंगनी में हुआ खर्च लौटाने पर राजी हो गया तो लड़की पक्ष ने पुलिस से शिकायत नहीं की।
इज्जतनगर के गांव परतापुर निवासी खलील रजा की बेटी का रिश्ता आठ महीने पहले सीबीगंज के गांव सनौआ निवासी जीशान खां से तय हुआ था। लड़की के चाचा गुड्डू ने बताया कि मंगनी के समय उन लोगों ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किए। इसके बाद जीशान ने फोन करके दहेज में बुलेट बाइक की मांग की। इस पर उन लोगों ने 10 हजार रुपये जमा करके बुलेट बाइक बुक करा दी लेकिन लॉकडाउन के कारण उसकी डिलीवरी नहीं हो सकी। इसके बाद आसपास के जिलों से भी बाइक खरीदने के प्रयास किए लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
गुड्डू ने बताया कि बुधवार को अपराह्न चार बजे लड़के पक्ष के लोग बरात लेकर पहुंचे जबकि बरात सुबह आकर शाम को वापस जानी थी। फिर भी उन लोगों ने बरातियों को खाना खिलाया। मगर इसी बीच उनकी भतीजी को जीशान के बुलेट बाइक मांगने और परिवार वालों के परेशान करने की बात पता चल गई तो उसने निकाह करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि लड़की के फैसले का वर पक्ष के कुछ समझदार लोगों ने भी समर्थन किया। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपस में बैठकर समझौता कर लिया और मंगनी में खर्च रुपये वापस करने पर सहमति बन गई। इसके बाद बरात वापस चली गई। गुड्डू ने बताया कि उनकी भतीजी सिर्फ आठवीं तक पढ़ी है लेकिन उसके फैसले पर हम सभी को गर्व है।

सीबीगंज के गांव सनौआ से इज्जतनगर के परतापुर में पहुंची थी बरात

मंगनी में हुआ खर्च वापस करने पर लड़की पक्ष ने नहीं की पुलिस कार्रवाई

बरेली। निकाह की रस्में शुरू होने से पहले ही लड़के ने दहेज में बुलेट बाइक की मांग रख दी। यह सुनकर लड़की बिफर पड़ी। उसने दहेज लोभियों को सबक सिखाते हुए निकाह करने से इनकार कर दिया और बरात लौटा दी। पंचायत के बाद वर पक्ष मंगनी में हुआ खर्च लौटाने पर राजी हो गया तो लड़की पक्ष ने पुलिस से शिकायत नहीं की।

इज्जतनगर के गांव परतापुर निवासी खलील रजा की बेटी का रिश्ता आठ महीने पहले सीबीगंज के गांव सनौआ निवासी जीशान खां से तय हुआ था। लड़की के चाचा गुड्डू ने बताया कि मंगनी के समय उन लोगों ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किए। इसके बाद जीशान ने फोन करके दहेज में बुलेट बाइक की मांग की। इस पर उन लोगों ने 10 हजार रुपये जमा करके बुलेट बाइक बुक करा दी लेकिन लॉकडाउन के कारण उसकी डिलीवरी नहीं हो सकी। इसके बाद आसपास के जिलों से भी बाइक खरीदने के प्रयास किए लेकिन कामयाबी नहीं मिली।

गुड्डू ने बताया कि बुधवार को अपराह्न चार बजे लड़के पक्ष के लोग बरात लेकर पहुंचे जबकि बरात सुबह आकर शाम को वापस जानी थी। फिर भी उन लोगों ने बरातियों को खाना खिलाया। मगर इसी बीच उनकी भतीजी को जीशान के बुलेट बाइक मांगने और परिवार वालों के परेशान करने की बात पता चल गई तो उसने निकाह करने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि लड़की के फैसले का वर पक्ष के कुछ समझदार लोगों ने भी समर्थन किया। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपस में बैठकर समझौता कर लिया और मंगनी में खर्च रुपये वापस करने पर सहमति बन गई। इसके बाद बरात वापस चली गई। गुड्डू ने बताया कि उनकी भतीजी सिर्फ आठवीं तक पढ़ी है लेकिन उसके फैसले पर हम सभी को गर्व है।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here