पेरिस. महिला टेनिस जगत की सबसे खूबसूरत खिलाड़ियों में शुमार पांच बार की ग्रैंडस्लैम विजेता मारिया शारापोवा (Maria Sharapova) ने बुधवार को टेनिस से संन्यास की घोषणा कर दी. दुनिया की सबसे मशूहर महिला खिलाड़ियों में से एक शारापोवा ने ‘वोग’ और ‘वैनिटी फेयर’ मैग्जीन के लिए एक लेख में कहा, ‘टेनिस को मैं गुडबॉय कह रही हूं.’ इस रूसी स्टार ने कहा, ‘28 साल और पांच ग्रैंडस्लैम खिताबों के बाद अब मैं पूरी तरह से अलग सफर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हूं.’ बता दें कि शारापोवा ने चार साल की उम्र में ही टेनिस रैकेट थाम लिया था.

टेनिस ने मुझे जिंदगी दी
अपने लेख में मारिया शारापोवा ने लिखा, ‘मैंने अपनी जिंदगी टेनिस को दी, टेनिस ने मुझे जिंदगी दी. मैं हर दिन इसे याद करूंगी. मैं अपनी ट्रेनिंग और दिनचर्या को याद करूंगी. सुबह उठना. अपने दाएं जूते से पहले बाएं जूते को पहनना, कोर्ट का गेट बंद करना और फिर दिन की अपनी पहली गेंद को हिट करना. ये सभी कुछ याद आएगा. मैं अपनी टीम को याद करूंगी और मुझे अपने कोचों की भी याद आएगी. साथ ही हार-जीत के बाद विपक्षी खिलाड़ियों से हाथ मिलाना भी मैं नहीं भूलूंगी.’

शारापोवा ने कहा था-सचिन तेंदुलकर को नहीं जानतीशारापोवा अपने उस बयान को लेकर भी चर्चा में रहीं ‌थी, जिसमें उन्होंने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार सचिन तेंदुलकर को पहचानने से इनकार कर दिया था. दरअसल, विंबलडन के एक मैच की प्रेस कांफ्रेंस में एक रिपोर्टर ने मारिया शारापोवा को बताया कि इस मैच को देखने के लिए डेविड बेकहेम और सचिन तेंदुलकर आए थे. क्या आप सचिन तेंदुलकर को जानती हैं? शारापोवा ने इसका जवाब न में दिया था.

पांच ग्रैंडस्लैम खिताब पर जमाया कब्जा
19 अप्रैल 1987 को जन्मीं 32 वर्षीय मारिया शारापोवा फिलहाल 369वीं रैंकिंग पर हैं. हालांकि 22 अगस्त 2005 को वह नंबर एक रैंकिंग भी हासिल कर चुकी थीं. तब उनकी उम्र महज 28 साल थी. मारिया शारापोवा ने साल 2004 में विंबलडन के तौर पर अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीता था. उसके बाद उन्होंने 2006 में यूएस ओपन, 2008 में ऑस्ट्रेलियन ओपन, 2012 और 2014 में फ्रेंच ओपन का खिताब अपने नाम किया. इसके अलावा शारापोवा ने साल 2004 में टूर फाइनल्स भी जीता. उन्होंने अपने करियर में 36 डब्‍ल्यूटीए खिताब और 4 आईटीएफ खिताब जीते.

छह साल पहले जीता था आखिरी ग्रैंडस्लैम
शारापोवा ने अपना आखिरी ग्रैंडस्लैम खिताब छह साल पहले 2014 में जीता था. तब उन्होंने दूसरी बार फ्रेंच ओपन पर कब्जा जमाया था. आखिरी बार वह किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट में इस साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में नजर आईं थीं. तब वह पहले ही दौर में डोन्ना वेकिक के हाथों हारकर बाहर हो गईं थीं.

17 साल की उम्र में नंबर वन सेरेना को दी थी मात
मारिया शारापोवा ने साल 2004 में 17 साल की उम्र में तब नंबर वन सेरेना विलियम्स को विंबलडन फाइनल में हराकर सुर्खियां बटोरी थीं. ये उनका पहला ग्रैंडस्लैम खिताब था. हालांकि शारापोवा को सेरेना के हाथों तीन ग्रैंडस्लैम के फाइनल में हार का भी सामना करना पड़ा.

साल 2016 में डोप टेस्ट में फेल
मारिया शारापोवा साल 2016 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान डोप टेस्ट में फेल हो गईं थीं. वह प्रतिबंधित पदार्थ मेलडोनियम के सेवन की दोषी पाईं गईं थीं. इसके बाद उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा था. हालांकि बाद में प्रतिबंध की अवधि घटाकर 15 महीने कर दी गई थी.

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