नई दिल्ली: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने शुक्रवार को केंद्रीय क्षेत्र में 1.5 करोड़ से अधिक कामगारों के परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (वैरिएबल डीए) (variable dearness allowance) 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये प्रति महीना करने की घोषणा की. यह वृद्धि एक अप्रैल, 2021 से लागू होगी. इससे केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और कामगारों का न्यूनतम वेतन की दर में भी वृद्धि होगी.

महंगाई भत्ता बढ़ाकर दोगुना किया गया

यह केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े कर्मचारियों के लिये है. अनुसूचित रोजगार के लिए निर्धारित दरें केंद्र सरकार के अंतर्गत आने वाले रेलवे प्रशासन, खदानों, तेल क्षेत्रों, प्रमुख बंदरगाहों या केंद्र सरकार द्वारा स्थापित किसी भी निगम के प्राधिकरण के तहत प्रतिष्ठानों पर लागू होती हैं. ये दरें ठेके और अस्थायी दोनों तरह के कर्मचारियों/कामगारों के लिए भी समान रूप से लागू होती हैं. इस बारे में मुख्य श्रम आयुक्त डी पी एस नेगी ने कहा, ‘केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े कर्मचारियों के लिये महंगाई भत्ता 105 रुपये से बढ़ाकर 210 रुपये महीना किया गया है.’ मंत्रालय ने बयान में कहा कि उसने संशोधित वैरिएबल डीए एक अप्रैल, 2021 से अधिसूचित किया है. 

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सीपीआई-आईडब्ल्यू के आधार पर संशोधन

बयान के अनुसार इससे केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े कामगारों को ऐसे समय लाभ होगा जब देश कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है. वैरिएबल डीए औद्योगिक कर्मचारियों के लिये औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) के आधार पर संशोधित किया जाता है. इसका संकलन श्रम ब्यूरो करता है.

डेढ़ करोड़ कर्मचारियों को होगा फायदा

वैरिएबल डीए में संशोधन के लिये जुलाई से दिसंबर 2020 के औसत सीपीआई-आईडब्ल्यू का उपयोग किया गया है. केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा, ‘इस कदम से देश के उन करीब 1.50 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा जो केंद्र सरकार के विभिन्न अनुसूचित रोजगारों से जुड़े हैं. वैरिएबल डीए में बढ़ोतरी से उन्हें इस महामारी के मुश्किल वक्त में मदद मिलेगी.’





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