एक बायोसुरक्षा स्तर (बीएसएल), या रोगजनक/संरक्षण स्तर, जैवरोकथाम ऐहतियातों की कड़ी है.

एक बायोसुरक्षा स्तर (बीएसएल), या रोगजनक/संरक्षण स्तर, जैवरोकथाम ऐहतियातों की कड़ी है.

सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने शियांग को उद्धृत करते हुए कहा कि चीन भविष्य में संक्रामक रोगों के खिलाफ अपने जैवसुरक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीय क्षमता को बढ़ाने के लिये प्रमुख वैज्ञानिक शोध जारी रखेगा.

बीजिंग. चीन (China) ने देश में प्रतिष्ठानों को कानूनी सुरक्षा और जैव प्रयोगशालाओं (Bio-laboratories) के सुरक्षित संचालन को और पुख्ता करने के लिये नए जैवसुरक्षा कानून को लागू कर दिया है. चीन का यह कदम उन सवालों के बीच आया है कि क्या कोविड-19 की शुरुआत वुहान में ऐसी ही एक प्रयोगशाला से हुई थी. नया कोरोना वायरस (Coronavirus) चीन के मध्य वुहान शहर में दिसंबर 2019 में उभरा था और महामारी बन गया जिसने दुनियाभर में लोगों की जान ली.

देश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मामलों के उप मंत्री शियांग लिबिन ने कहा कि नए जैवसुरक्षा कानून के तहत चीन न्यायसंगत एवं वैज्ञानिक तरीके से उन्नत रोगजनक सूक्ष्म जीवविज्ञान में विशेषज्ञता वाली और प्रयोगशालाओं का निर्माण और उन्हें मंजूरी देना जारी रखेगा.

नई प्रयोगशालाओं के निर्माण के लिए दी मंजूरी
सरकारी ग्लोबल टाइम्स ने शियांग को उद्धृत करते हुए कहा कि चीन भविष्य में संक्रामक रोगों के खिलाफ अपने जैवसुरक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीय क्षमता को बढ़ाने के लिये प्रमुख वैज्ञानिक शोध जारी रखेगा. उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने चीन में तीन जैव सुरक्षा स्तर-4 प्रोयगशालाओं या पी4 प्रयोगशालाओं और 88 जैवसुरक्षा स्तर-3 प्रोयगशालाओं के निर्माण की मंजूरी परीक्षण के बाद दी है.

एक बायोसुरक्षा स्तर (बीएसएल), या रोगजनक/संरक्षण स्तर, जैवरोकथाम ऐहतियातों की कड़ी है जिसकी जरूरत संलग्न प्रयोगशाला के आसपास खतरनाक जैविक एजेंटों को अलग करने के लिये होती है.









Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here