जस्टिस नाथुलापति वेकट रमन्ना (NV Ramana) को 2 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया.

जस्टिस नाथुलापति वेकट रमन्ना (NV Ramana) को 2 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया.

जस्टिस नाथुलापति वेकट रमन्ना (NV Ramana) को 2 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का जज नियुक्त किया गया. फिलहाल उनके कार्यकाल में दो साल से कम वक्त बचा है, क्योंकि 26 अगस्त 2022 में वो सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सीनियर जस्टिस एनवी रमन्ना (NV Ramana) देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) हो सकते हैं. मौजूदा मुख्य न्यायाधीश (CJI) एसए बोबडे (SA Bobde) ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर जस्टिस रमन्ना के नाम की सिफारिश की है. सीजेआई बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं.

जस्टिस नाथुलापति वेंकट रमन्ना (NV Ramana) को 2 फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया. फिलहाल उनके कार्यकाल में दो साल से कम वक्त बचा है, क्योंकि 26 अगस्त 2022 में वो रिटायर होने वाले हैं. उन्होंने 10 फरवरी 1983 में वकालत शुरू की थी. जिस दौरान चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, उस दौरान जस्टिस रमन्ना आंध्र प्रदेश सरकार के एडिशनल एडवोकेट जनरल हुआ करते थे.

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किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले एनवी रमन्ना ने साइंस और लॉ में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद उन्होंने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट, केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट में कानून की प्रैक्टिस शुरू की. राज्य सरकारों की एजेंसियों के लिए वो पैनल काउंसेल के तौर पर भी काम करते थे. 27 जून 2000 में वो आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में स्थायी जज के तौर पर नियुक्त किए गए. इसके बाद साल 2013 में 13 मार्च से लेकर 20 मई तक वो आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के एक्टिंग चीफ़ जस्टिस रहे.2 सितंबर 2013 को जस्टिस रमन्ना का प्रमोशन हुआ. इसके बाद वो दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस नियुक्त किए गए. फिर 17 फरवरी 2014 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया. जस्टिस एनवी रमन्ना फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जजों में सीजेआई एसए बोबडे के बाद दूसरे नंबर पर आते हैं. ऐसे में उनका अगला सीजेआई बनना तय माना जा रहा है.

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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की अनुमोद‌ित संख्या 34 (चीफ जस्टिस समेत) है. हालांकि, कोर्ट वर्तमान में 30 जजों के साथ ही कार्यरत है, क्योंकि जस्ट‌िस गोगोई, जस्ट‌िस गुप्ता, जस्ट‌िस भानुमति और जस्टिस मिश्रा की सेवानिवृत्ति के बाद अब तक एक भी नियुक्ति नहीं हो पाई है. जस्ट‌िस गोगोई 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि शेष साल 2020 की शुरुआत में सेवानिवृत्त हुए थे.




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