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नई दिल्ली, 23 सितंबर (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) के पूर्व अध्यक्ष संजय सिंघल द्वारा दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) 2016 के तहत व्यक्तिगत गारंटीकर्ताओं के खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला कार्यवाही के प्रावधान को चुनौती देने वाली दायर याचिका पर केंद्र और अन्य से जवाब मांगा है।

मुख्य न्यायाधीश डी.एन. पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की अगुवाई वाली हाईकोर्ट की एक पीठ ने मोदी सरकार, इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सिंघल की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें आईबीसी की धारा 95, 96 97, 99, 100 और 101 को अनदेखा करने की मांग की गई है, जो कॉर्पोरेट देनदार के व्यक्तिगत गारंटर और परिणामी नियमों पर लागू होते हैं।

पीठ ने हालांकि, विवादास्पद प्रावधानों के तहत एसबीआई द्वारा सिंघल को दिए नोटिस पर रोक लगाने का कोई आदेश देने से मना कर दिया।

पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर का दिन निर्धारित किया है।

वीएवी/एसजीके

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