दिल्ली हाई कोर्ट ने NIA को नोटिस जारी कर इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी के मामले में जवाब मांगा है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने NIA को नोटिस जारी कर इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी के मामले में जवाब मांगा है.

देश में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में 2016 में गिरफ्तार किए गए इंडियन मुजाहिदीन (IM) के संदिग्ध आतंकी अब्दुल वाहिद सिद्दीबप्पा की जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने NIA को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

  • Last Updated:
    April 13, 2021, 5:56 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में 2016 में गिरफ्तार इंडियन मुजाहिदीन के संदिग्ध आतंकी अब्दुल वाहिद सिद्दीबप्पा की जमानत याचिका पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सिद्दीबप्पा ने मामले की सुनवाई में काफी देर होने के आधार पर कोर्ट से जमानत मांगी है.

जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल की बेंच ने आरोपी की याचिका पर NIA को नोटिस जारी कर मामले को सुनवाई के लिये 6 मई को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है. सिद्दीबप्पा की ओर से वकील एसएम खान ने कहा कि आरोपी लगभग पांच साल से तिहाड़ जेल में बंद है और आठ साल पहले दर्ज हुए मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि वह जमानत इसलिए मांग रहे हैं, क्योंकि इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है. अभी तक आरोप तय नहीं होने के चलते मामले की सुनवाई भी शुरू नहीं हुई है.

बता दें कि NIA ने 15 नवंबर 2016 को अब्दुल वाहिद सिद्दीबप्पा के खिलाफ एक विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की थी. उसे देश में आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए कथित साजिश के एक मामले में दुबई से दिल्ली पहुंचने पर IGI एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था. सिद्दीबप्पा कर्नाटक के भटकल के रहने वाला और इंडियन मुजाहिदीन के को-फाउंडर यासीन भटकल का चचेरा भाई है. उसे दुबई से आने के बाद 20 मई 2016 को IGI एयरपोर्ट से पकड़ा गया था.

NIA ने आरोप लगाया था कि सिद्दीबप्पा ने आतंकी वारदातों को अंजाम देने के लिए पाकिस्तान के फंड को दुबई के रास्ते अन्य इंडियन मुजाहिदीन गुर्गों को सप्लाई करने में मुख्य भूमिका निभाई थी. कोर्ट ने 6 नवंबर, 2013 को सिद्दीबप्पा के खिलाफ एक गैर-जमानती वारंट जारी किया था, जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया. आखिर में 3 दिसंबर 2013 को उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था.NIA ने पहले भटकल और उसके सहयोगी असदुल्लाह अख्तर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र), 121 (देश के खिलाफ युद्ध छेड़ना), 121 ए (युद्ध छेड़ने की साजिश) और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था.





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