prayagraj news : शिक्षा सेवा अधिकरण बिल के विरोध में सभा करते हाईकोर्ट के अधिवक्ता।
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शिक्षा अधिकरण बिल वापसी का विरोध कर रहे वकीलों के खेमे में सोमवार को जिले के कई छात्र संगठन भी शामिल हो गए। हाईकोर्ट गेट के पास बुलाई गई आम सभा में वकीलों के मंच से छात्रनेताओं और संगठनों के पदाधिकारियों ने आंदोलन को भरपूर समर्थन देने का वादा कर इसे और व्यापक बनाने के संकेत दिए। इधर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मिल रहे समर्थन को देखते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय एक दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब वकील मंगलवार को भी काम नहीं करेंगे। मंगलवार को व्यापारी संगठनों के साथ बैठक बुलाई गई है। 

अधिकरण को लेकर पारित बिल का पहले से विरोध कर रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सोमवार को इस मुद्दे को लेकर वह सड़क पर उतरेंगे। इस क्रम में पहली खुली बैठक छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय, डिग्री कॉलेजों के पदाधिकारियों, पूर्व पदाधिकारियों के साथ की गई। इसमें एनएययूआई, समाजवादी और बहुजन छात्र सभा सहित कई अन्य संगठन और छात्र नेता शामिल हुए। 

मंच पर जुटे विभिन्न संगठन

वकीलों के मंच से सत्या दुबे, देवधर त्रिपाठी, सत्यम राय संघर्ष, विशाल सिंह रिशु, सौरभ सिंह, हरिकेश त्रिपाठी, प्रियदर्शी त्रिपाठी, राजेश सिंह, चंद्रशेखर अधिकारी, राजेश शर्मा, आशुतोष पांडेय, भूदेव यादव, अभिषेक सिंह, निशांत रस्तोगी, आनंद सिंह सेंगर, आलोक द्विवेदी, विवेकानंद बाबुल, ऋचा सिंह, अदील हमजा, रामशिरोमणि दुबे, दुर्गेश प्रताप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, मसूद अंसारी, , शैलेश पासवान, अभय यादव, सुनील मौर्या, शिवशंकर, हाईकोर्ट बार के जमील अहमद, अजय कुमार मिश्र, अनिल पाठक, रजनीकांत राय, केके मिश्र, अंजू श्रीवास्तव, अभिषेक शुक्ला, दिलीप कुमार पांडेय, राजेंद्र कुमार सिंह, मंजू पांडेय, दुर्गेश चंद्र तिवारी सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे। सभा की अध्यक्षता हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह और संचालन महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने किया।

अधिवक्ता सुनील चौधरी को बार से निकाला

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य से विरत रहने के प्रस्ताव के दौरान सभी वकीलों को हिदायत दी है कि वह इस दौरान न तो कोई याचिका दाखिल करेंगे और न ही किसी भी पक्ष से मुकदमा बहस करेंगे। इसका उल्लंघन करने पर बार ने अधिवक्ता सुनील चौधरी की सदस्यता समाप्त कर दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रस्ताव के दौरान ई फाइलिंग के जरिये याचिका दाखिल की है। जबकि सुनील चौधरी का कहना है कि उन्होंने चीफ जस्टिस को लेटर पेटीशन जरूर भेजी है मगर यह अधिवक्ता हित से संबंधित है। इस पर अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया गया है। 

कचहरी के वकील भी आए  समर्थन में

शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे आंदोलन का जिला अधिवक्ता संघ ने भी समर्थन किया है। इस क्रम में मंगलवार को जिला न्यायालय के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। संघ के मंत्री प्रमोद सिंह नीरज और विद्याभूषण द्विवेदी ने बताया कि सोमवार को संघ के अध्यक्ष राधा रमण मिश्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा जिला अधिवक्ता संघ को पत्र भेजकर उनके द्वारा किए जा रहे आंदोलन के मुद्दे पर समर्थन मांगा गया है। बैठक में समर्थन के संबंध में  विचार हुआ और संघ ने निर्णय लिया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर किए जा रहे आंदोलन का जिला अधिवक्ता संघ समर्थन करेगा। मंगलवार को न्यायिक कार्य से अधिवक्ता विरत रहेंगे। संघ के पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्रा ने हाईकोर्ट बार के आंदोलन का समर्थन किया है।

शिक्षा अधिकरण बिल वापसी का विरोध कर रहे वकीलों के खेमे में सोमवार को जिले के कई छात्र संगठन भी शामिल हो गए। हाईकोर्ट गेट के पास बुलाई गई आम सभा में वकीलों के मंच से छात्रनेताओं और संगठनों के पदाधिकारियों ने आंदोलन को भरपूर समर्थन देने का वादा कर इसे और व्यापक बनाने के संकेत दिए। इधर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मिल रहे समर्थन को देखते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय एक दिन के लिए और बढ़ा दिया है। अब वकील मंगलवार को भी काम नहीं करेंगे। मंगलवार को व्यापारी संगठनों के साथ बैठक बुलाई गई है। 

अधिकरण को लेकर पारित बिल का पहले से विरोध कर रहे हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि सोमवार को इस मुद्दे को लेकर वह सड़क पर उतरेंगे। इस क्रम में पहली खुली बैठक छात्र संगठनों और विश्वविद्यालय, डिग्री कॉलेजों के पदाधिकारियों, पूर्व पदाधिकारियों के साथ की गई। इसमें एनएययूआई, समाजवादी और बहुजन छात्र सभा सहित कई अन्य संगठन और छात्र नेता शामिल हुए। 

मंच पर जुटे विभिन्न संगठन

वकीलों के मंच से सत्या दुबे, देवधर त्रिपाठी, सत्यम राय संघर्ष, विशाल सिंह रिशु, सौरभ सिंह, हरिकेश त्रिपाठी, प्रियदर्शी त्रिपाठी, राजेश सिंह, चंद्रशेखर अधिकारी, राजेश शर्मा, आशुतोष पांडेय, भूदेव यादव, अभिषेक सिंह, निशांत रस्तोगी, आनंद सिंह सेंगर, आलोक द्विवेदी, विवेकानंद बाबुल, ऋचा सिंह, अदील हमजा, रामशिरोमणि दुबे, दुर्गेश प्रताप सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, मसूद अंसारी, , शैलेश पासवान, अभय यादव, सुनील मौर्या, शिवशंकर, हाईकोर्ट बार के जमील अहमद, अजय कुमार मिश्र, अनिल पाठक, रजनीकांत राय, केके मिश्र, अंजू श्रीवास्तव, अभिषेक शुक्ला, दिलीप कुमार पांडेय, राजेंद्र कुमार सिंह, मंजू पांडेय, दुर्गेश चंद्र तिवारी सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे। सभा की अध्यक्षता हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह और संचालन महासचिव प्रभाशंकर मिश्र ने किया।

अधिवक्ता सुनील चौधरी को बार से निकाला

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य से विरत रहने के प्रस्ताव के दौरान सभी वकीलों को हिदायत दी है कि वह इस दौरान न तो कोई याचिका दाखिल करेंगे और न ही किसी भी पक्ष से मुकदमा बहस करेंगे। इसका उल्लंघन करने पर बार ने अधिवक्ता सुनील चौधरी की सदस्यता समाप्त कर दी है। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रस्ताव के दौरान ई फाइलिंग के जरिये याचिका दाखिल की है। जबकि सुनील चौधरी का कहना है कि उन्होंने चीफ जस्टिस को लेटर पेटीशन जरूर भेजी है मगर यह अधिवक्ता हित से संबंधित है। इस पर अभी तक संज्ञान भी नहीं लिया गया है। 

कचहरी के वकील भी आए  समर्थन में

शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा किए जा रहे आंदोलन का जिला अधिवक्ता संघ ने भी समर्थन किया है। इस क्रम में मंगलवार को जिला न्यायालय के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे। संघ के मंत्री प्रमोद सिंह नीरज और विद्याभूषण द्विवेदी ने बताया कि सोमवार को संघ के अध्यक्ष राधा रमण मिश्र की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा जिला अधिवक्ता संघ को पत्र भेजकर उनके द्वारा किए जा रहे आंदोलन के मुद्दे पर समर्थन मांगा गया है। बैठक में समर्थन के संबंध में  विचार हुआ और संघ ने निर्णय लिया कि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर किए जा रहे आंदोलन का जिला अधिवक्ता संघ समर्थन करेगा। मंगलवार को न्यायिक कार्य से अधिवक्ता विरत रहेंगे। संघ के पूर्व अध्यक्ष शीतला प्रसाद मिश्रा ने हाईकोर्ट बार के आंदोलन का समर्थन किया है।



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