कृषि कानूनों का वादा कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टो में किया था, आज वो विरोध कैसे कर रहे हैं? : प्रकाश जावड़ेकर

Farm Laws : कृषि कानूनों पर विपक्ष के विरोध को केंद्र बना रहा निशाना.

नई दिल्ली:

Farm Laws : केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन (Farmers’ Protests) के बीच मोदी सरकार बार-बार इन कानूनों पर अपने रुख का बचाव कर रही है. सरकार बार-बार विपक्ष के विरोध पर सवाल भी खड़े कर रही है. मंगलवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फिर वही बात दोहराई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने 2019 के मेनिफेस्टो में भी यही कानून लाने का वादा किया था, ऐसे में वो अब इसका विरोध कैसे कर रहे हैं?

यह भी पढ़ें

जावड़ेकर ने कहा कि ‘विपक्ष इन कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहा है, ये उनका दोहरापन है क्योंकि सत्ता में रहते हुए उन्होंने ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को मंजूरी दी थी. कांग्रेस ने इन कानूनों का जिक्र अपने 2019 के मेनिफेस्टो में भी किया था.’

जावड़ेकर ने कहा कि ‘किसानों ने लागत के लिए अतिरिक्त मूल्य पारिश्रमिक की मांग की थी और हम उन्हें लागत से 50 फीसदी ज्यादा दे रहे हैं. कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में किसानों को कुछ भी नहीं दिया था. मोदी जी दे रहे हैं.’

इसके पहले सोमवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी इसे लेकर विपक्षी पार्टियों पर हमला किया था. उन्होंने कहा था कि विपक्ष कृषि कानून पर दोहरा रवैया दिखा रहा है. उन्होंने सोमवार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा था, ‘आज जो हमारी सरकार ने किया, UPA के 10 साल में ये लोग यही कर रहे थे. अपने राज्यों में कर रहे थे. कांग्रेस ने वर्ष 2019 के अपने लोकसभा चुनाव के घोषणापत्र के पेज नंबर 17 के प्‍वाइंट 11 में कहा था कि वो APMC को हटाएगी और इंटर स्‍टेट व्‍यापार को फ्री करने का काम करेगी.’

Video: रवीश कुमार का प्राइम टाइम : जेटली का बयान कैसे भूल गए रविशंकर प्रसाद

Newsbeep

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here