किसानों की भूख हड़ताल शुरू, केंद्र ने कहा- अगले दौर की बातचीत के लिए तय करें तारीख; 10 बड़ी बातें  

Farmers Protest: आज से क्रमिक भूख हड़लात पर किसान (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:
केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली और आसपास डटे किसानों ने आंदोलन और तेज करने की कवायद शुरू कर दी है. किसानों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है. किसानों का एक समूह बारी-बारी से 24 घंटे की भूख हड़ताल (Relay Hunger Strike) पर बैठेगा. पांच दौर की बैठक विफल रहने के बाद, सरकार ने रविवार को प्रदर्शन कर रहे किसानों से अगले दौर की बातचीत के लिए तारीख तय करने को कहा है. इस महीने की शुरुआत से किसानों का यहा तीसरा बड़ा प्रदर्शन है. इससे पहले, किसानों ने भूख हड़ताल और भारत बंद का आह्वान किया था. सरकार की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बार-बार भरोसा दिए जाने के बीच प्रदर्शन को तेज किया जा रहा है. 

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :

  1. केंद्र सरकार ने आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे किसान संगठनों को रविवार को आमंत्रित किया और कहा कि वे वार्ता के लिए तिथि तय करें. सरकार ने कहा है कि कृषि कानूनों में पहले जिन संशोधनों का प्रस्ताव दिया गया था, उन्हें लेकर जो चिंताएं हैं, संगठन वे भी बताएं. 

  2. स्वराज इंडिया के प्रमुख योगेंद्र यादव ने रविवार कहा, ‘‘किसान नए कृषि कानूनों के खिलाफ सभी प्रदर्शन स्थलों पर सोमवार को एक दिन की क्रमिक भूख हड़ताल करेंगे. इसकी शुरुआत सिंघु बॉर्डर समेत यहां प्रदर्शन स्थलों पर 11 सदस्यों का एक दल करेगा.”उन्होंने कहा, ‘‘हम देशभर में सभी प्रदर्शन स्थलों पर मौजूद सभी लोगों से इसमें भाग लेने की अपील करते हैं.”

  3. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एक या दो दिन में प्रदर्शनकारी समूहों से उनकी मांगों पर बातचीत कर सकते हैं. शाह ने कहा, ‘‘मुझे समय की सही जानकारी नहीं है, लेकिन तोमर के कल या परसों किसान प्रतिनिधियों से उनकी मांगों पर बातचीत करने की संभावना है.”

  4. पंजाब और हरियाणा के किसानों ने रविवार को श्रद्धांजलि दिवस मनाया और उन किसानों को श्रद्धांजलि दी, जिनकी मौत आंदोलन के दौरान हुई है. किसान संगठनों का दावा है कि आंदोलन में शामिल 30 से अधिक किसानों की दिल का दौरा पड़ने और सड़क दुर्घटना जैसे विभिन्न कारणों से मौत हुई है. 

  5. भारतीय किसान यूनियन (एकता-उग्राहां) ने रविवार को कहा कि एक केंद्रीय एजेंसी ने उससे उसकी पंजीकरण की जानकारी जमा करने को कहा है, जो उसे विदेशी धनराशि प्राप्त करने की इजाजत देती है. बीकेयू (एकता-उग्राहां) के अध्यक्ष जोगिंदर उग्राहां और महासचिव सुखदेव सिंह ने केंद्र सरकार की मांग के बारे में खुलासा किया और आरोप लगाया कि ‘‘केंद्र सभी रणनीति का उपयोग कर रहा है क्योंकि उनका एकमात्र उद्देश्य आंदोलन को विफल करना है.”

  6. भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘25 से 27 दिसंबर तक हरियाणा में सभी टोल बूथ पर हम टोल वसूली नहीं होने देंगे, हम उन्हें ऐसा करने से रोकेंगे. 27 दिसंबर को हमारे प्रधानमंत्री अपने ‘मन की बात’ करेंगे और हम लोगों से अपील करना चाहते हैं कि उनके भाषण के दौरान ‘थालियां’ बजाएं.”

(भाषा के इनपुट के साथ)

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