अब महराजगंज के 18 वनटांगिया गांवों में मतदान 19 अप्रैल को होगा.

अब महराजगंज के 18 वनटांगिया गांवों में मतदान 19 अप्रैल को होगा.

जंगल तिकोनियां गांव (Tikonian Village) के रहने वाले राम लौट ने कहा कि आज का दिन उनके लिए किसी त्यौहार से कम नहीं है. पहली बार वो पंचायत के लिए वोट डाल रहे हैं.

गोरखपुर. पंचायत चुनाव (Panchayat Election) के प्रथम चरण में ग्रामीण इलाकों में गांव की सरकार चुनने का उत्साह देखते ही बना. पर एक ऐसी जगह रही जहां के लोगों का कहना है कि आज का दिन उनके लिए किसी त्यौहार से कम नहीं है. जी हां हम बात कर रहे हैं वनटागियां गांव (Vantagian Village) की, जहां पर आजादी के बाद पहली बार वनटांगिया गांव के लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. सात दशक तक उपेक्षित रहे गोरखपुर (Gorakhpur) के पांच वनटांगिया गांवों के लोगों में गुरुवार को पहली बार गांव की सरकार चुनने को खासा उत्साह दिखाया. वनटांगिया गांव के लोगों का कहना है कि सीएम योगी यदि उनके वनग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित नहीं करते तो आज भी उन्हें समाज की मुख्य धारा से दूर ही रहना पड़ता.

जंगल तिकोनियां गांव के रहने वाले राम लौट ने कहा कि आज का दिन उनके लिए किसी त्यौहार से कम नहीं है. पहली बार वो पंचायत के लिए वोट डाल रहे हैं.  आज दिवाली जैसा महसूस हो रहा है. तो वहीं इसी गांव के बुजुर्ग लालचंद ने कहा कि हमारे यहां कभी भी प्रधान का वोट नहीं पड़ता था. यहां पर मुखिया चुना जता था, ये परम्परा हमारे पुरखों से चली आ रही थी. हम लोगो सोचे भी नहीं थे कि यहां पर कोई प्रधान बन सकता है. मैं खुश हूं कि जिन्दा रहते पहली बार प्रधान चुन रहे हैं. महराज जी का बहुत बहुत धन्यवाद जो ये दिन दिखाये. इसी तरह से वनटागियां गांव के सभी लोगों के यही कहानी थी. सबके चेहरे पर खुशी साफ देखी जा रही थी.

18 वनटांगिया गांवों में मतदान 19 अप्रैल को होगा
अंग्रेजी शासनकाल में 1918 के आसपास ब्रिटिश हुकूमत द्वारा जंगल क्षेत्र बढ़ाने के लिए वनों में बसाए गए वनटांगियों के गोरखपुर मंडल में 23 गांव हैं. गोरखपुर में पांच और महराजगंज में 18 गांव. देश को स्वतंत्रता मिलने के 70 साल बाद भी उनके जीवन में बदलाव की बात तो दूर, राजस्व अभिलेखों में उनका वजूद तक नहीं शामिल हो सका था. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद वनटांगिया लोगों की दशा बिलकुल बदल चुकी है. सीएम योगी ने इन वनटांगिया गांवों को राजस्व ग्राम बनाकर उन्हें सही मायने में नागरिक का दर्जा दिया. इससे उन्हें सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलने लगा है. राजस्व अभिलेखों में गांव और यहां के निवासियों का नाम दर्ज होने के बाद वनग्राम के लोग पहली बार सक्रिय भागीदारी से अपनी पसंद का पंचायती प्रतिनिधि चुना. गोरखपुर के वनटागियां गांवों के लोगों ने तो अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया अब महराजगंज के 18 वनटांगिया गांवों में मतदान 19 अप्रैल को होगा.









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