[ad_1]

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

लखनऊ9 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
  • दोपहर 12 बजे राजभवन में आयोजित हुआ यह कार्यक्रम, इसके लेखक वरिष्ठ पत्रकार राधाकृष्ण हैं

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को 12:05 बजे ‘योगी आदित्यनाथ के ओजस्वी विचार’ पुस्तक का लोकार्पण किया। पुस्तक में उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 35 चुनिंदा भाषणों को शामिल किया गया है।

इसके लेखक एवं संपादक वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक राधाकृष्ण हैं। पुस्तक की प्रस्तावना वरिष्ठ पत्रकार दुर्गेश उपाध्याय ने लिखी है। पुस्तक के प्रारम्भ में योगी आदित्यनाथ का विस्तृत जीवन परिचय है। जिसमें उनके जन्म से लेकर अब तक उनके जीवन में घटित हुई सभी प्रमुख घटनाओं को विस्तार से बताया गया है। तकरीबन 250 पेज की इस पुस्तक को लेखक ने परम पूज्य ब्रह्मलीन महंथ श्री अवैद्यनाथ जी महाराज को समर्पित किया है।

पुस्तक में सीएम ने खुद को बताया है योगी

पुस्तक में संकलित पहले भाषण में योगी ने कहा है कि मैं योगी हूं, सेवा हमारा धर्म है। जब मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी तो उस समय बहुत सारे लोगों ने कहा था कि मैं संन्यासी हूं, भगवा पहनता हूं, मैं सीएम बन तो गया हूं लेकिन ज्यादा समय तक टिकने वाला नहीं हूं। हमारे विरोधियों को शायद नहीं पता कि एक संन्यासी से ज्यादा अच्छी सेवा कोई और नहीं कर सकता है।

पुस्तक में योगी आदित्यनाथ के दो भाषण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर केंद्रित हैं। एक भाषण का शीर्षक है- नरेन्द्र मोदी देश-दुनिया के लोगों के लिए आईकॉन और दूसरे भाषण का शीर्षक है- नरेन्द्र मोदी ने बदली देश के राजनीतिक एजेंडे की धुरी। इन दोनों भाषणों में योगी और मोदी के व्यक्तित्व और कृतित्व की चर्चा की है। इसके अलावा भारत नेपाल संबंध, नागरिकता संशोधन कानून, भ्रष्टाचार, सांप्रदायिकता के साथ हालिया कोरोना महामारी पर भी उनका उदबोधन पुस्तक में संकलित किया गया है।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here