पुलिस गिरफ्त में आरोपी प्रधान संतोष।
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

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एसडीएम ने आरोपी प्रधान के खिलाफ लिखाई रिपोर्ट, जेल गया

मितौली (लखीमपुर खीरी)। एक तरफ सरकार जहां टीकाकरण और कोरोना के प्रति जागरूक करने के लिए निगरानी समितियां बनाकर ग्राम प्रधान को उस टीम का मुखिया बना रही है, वहीं क्षेत्र के रौतापुर ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान खुद को सरकार से ऊपर समझते हुए टीकाकरण टीम से ही भिड़ गए और अभद्रता की। मामले में सीएचसी अधीक्षक की लिखित शिकायत पर एसडीएम ने आरोपी प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएन चौहान ने बताया कि मंगलवार को एक टीम कोविड का टीका लगाने कचियानी गांव गई हुई थी। बताते हैं कि टीकाकरण सत्र के दौरान जब निगरानी समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान संतोष से टीम द्वारा इस संबंध में सहयोग मांगा गया तो वह भड़क गए। लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की बजाय वह वैक्सीनेशन टीम पर ही आग बबूला हो गए।
आरोप है कि लोगों को भ्रमित करने के साथ डब्ल्यूएचओ के मॉनिटर और एएनएम से अभद्रता तक कर डाली। यही नहीं प्रधान ने मॉनिटर का मोबाइल छीन लिया और फोटो और वीडियो तक डिलीट कर दिए। आरोप है कि प्रधान ने मॉनिटर व एएनएम से कहा कि वह लिखकर दें कि वैक्सीन लगवाने से किसी को कुछ नहीं होगा और न ही किसी की मौत होगी। मामले को तूल पकड़ता देख सीएचसी अधीक्षक एएन सिंह ने एसडीएम को लिखित शिकायत दी, जिस पर एसडीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एसओ को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। एसओ मितौली अनिल कुमार सैनी में बताया कि पीड़ित की तहरीर पर सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता करना और मेडिकल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रधान को जेल भेजा गया है।

पीड़ितों ने बयां किया दर्द

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एसडीएम ने आरोपी प्रधान के खिलाफ लिखाई रिपोर्ट, जेल गया

मितौली (लखीमपुर खीरी)। एक तरफ सरकार जहां टीकाकरण और कोरोना के प्रति जागरूक करने के लिए निगरानी समितियां बनाकर ग्राम प्रधान को उस टीम का मुखिया बना रही है, वहीं क्षेत्र के रौतापुर ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान खुद को सरकार से ऊपर समझते हुए टीकाकरण टीम से ही भिड़ गए और अभद्रता की। मामले में सीएचसी अधीक्षक की लिखित शिकायत पर एसडीएम ने आरोपी प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. एएन चौहान ने बताया कि मंगलवार को एक टीम कोविड का टीका लगाने कचियानी गांव गई हुई थी। बताते हैं कि टीकाकरण सत्र के दौरान जब निगरानी समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान संतोष से टीम द्वारा इस संबंध में सहयोग मांगा गया तो वह भड़क गए। लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की बजाय वह वैक्सीनेशन टीम पर ही आग बबूला हो गए।

आरोप है कि लोगों को भ्रमित करने के साथ डब्ल्यूएचओ के मॉनिटर और एएनएम से अभद्रता तक कर डाली। यही नहीं प्रधान ने मॉनिटर का मोबाइल छीन लिया और फोटो और वीडियो तक डिलीट कर दिए। आरोप है कि प्रधान ने मॉनिटर व एएनएम से कहा कि वह लिखकर दें कि वैक्सीन लगवाने से किसी को कुछ नहीं होगा और न ही किसी की मौत होगी। मामले को तूल पकड़ता देख सीएचसी अधीक्षक एएन सिंह ने एसडीएम को लिखित शिकायत दी, जिस पर एसडीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए एसओ को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया। एसओ मितौली अनिल कुमार सैनी में बताया कि पीड़ित की तहरीर पर सरकारी कार्य में बाधा, अभद्रता करना और मेडिकल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रधान को जेल भेजा गया है।

पीड़ितों ने बयां किया दर्द

मैं जब गांव में टीकाकरण की समीक्षा करने पहुंचा और वहां पर मौजूद प्रधान से टीकाकरण में सहयोग मांगा तो वहां पर मौजूद प्रधान ने मेरा फोन छीन लिया और मेरी टीम से अभद्रता करने लगा। – शिव कुमार वर्मा, डब्ल्यूएचओ मॉनिटर

हम लोग टीकाकरण करने गांव गए थे। जब प्रधान से टीकाकरण में सहयोग मांगा गया तो प्रधान आगबबूला हो गया और हम लोगों से अभद्रता करने लगा। – प्रियंका यादव, एएनएम

प्रधान से बात हुई थी टीकाकरण कैंप लगाने के लिए। प्रधान ने कहा था कि मेरे मकान पर कैंप लगा लो, लेकिन जब हम लोगों ने टीकाकरण के लिए सहयोग मांगा तो उल्टा हम लोगों से ही उलझने लगे और हमारे मॉनिटर का मोबाइल छीन लिया और लोगों को वैक्सीनेशन के खिलाफ भड़काने लगे। – रामप्यारी, एएनएम

वैक्सीनेशन टीम से अभद्रता का मामला सामने आया है। मामले में शिकायत मिली थी, जिसका संज्ञान लेकर पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज कराकर आरोपी प्रधान को जेल भेज दिया गया है। वैक्सीनेशन टीम के साथ अभद्रता करने व भ्रम फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। – दिग्विजय सिंह, एसडीएम



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