Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

कानपुर5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
फंड हुआ लेप्स तो लिखा प्रशासन को पत्र, मांगी रकम इस्तेमाल करने की अनुमति। - Dainik Bhaskar

फंड हुआ लेप्स तो लिखा प्रशासन को पत्र, मांगी रकम इस्तेमाल करने की अनुमति।

कोरोना महामारी में स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर प्रदेश सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों को आपदा फंड के तहत करोड़ों की धनराशि आवंटित की थी। हैलट अस्पताल को भी 13 करोड़ 96 लाख से अधिक की रकम आबंटित की गई। हैलट इस फंड का इस्तेमाल करना भूल गया। पिछले वित्तीय वर्ष में भेजी गई रकम का इस्तेमाल न होने पर जब शासन से चेतावनी पत्र जारी किया गया। तब हैलट प्रशासन को होश आया कि इस रकम का इस्तेमाल होना था। इस पर हैलट की तरफ ने एक पत्र शासन को जारी कर उस रकम को इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी गई। अब अंतिम चेतावनी देते हुए स्वास्थ्य शिक्षा विभाग ने उस रकम को इस्तेमाल करने की अनुमति प्रदान की।

अगस्त 2020 में भेजा गया था करोड़ों का फंड
कोरोना की पहली लहर में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं हो सके इसको लेकर सभी मेडिकल कॉलेजों को आपदा फंड से रकम भेजी गई थी। इसी क्रम में कानपुर मेडिकल कॉलेज को 13 करोड़ 94 लाख 67 हजार रुपए भेजे गए थे। शासन का उद्देश्य इस रकम से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना था। प्राचार्य को विशेष अधिकार भी दिए गए थे कि इस रकम का इस्तेमाल आपने विवेक से कर सकते हैं। लेकिन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में इसका इस्तेमाल करना ही भूल गया। फाइनेंशियल ईयर बीत जाने के बाद हैलट प्रशासन को होश आया। जिस पर शासन को एक पत्र लिखकर इस रकम के इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई।

राज्यपाल से लेनी पड़ी विशेष अनुमति
फाइनेंशियल ईयर 2020 में भेजी गई आपदा रकम का इस्तेमाल हर हाल में उसी साल करना होता है। फाइनेंशियल ईयर क्लोजिंग के बाद कोई भी फंड लेप्स हो जाता है। उसी नियम के तहत हैलट में भेज गया महामारी आपदा फंड का बजट मार्च में स्वतः लेप्स हो गया था। ऐसे फंड के दूसरे फाइनेंशियल ईयर में इस्तेमाल के लिए राज्यपाल की विशेष अनुमति की आवश्यकता पड़ती है। इस मामले में भी राज्यपाल से स्पेशल अनुमति लेनी पड़ी। शासन ने चेतावनी देकर फिलहाल उस फंड को जारी कर दिया है।

मेडिकल इंस्ट्रूमेंट खरीदे जाएंगे प्राचार्य
इस संदर्भ में हैलट के प्राचार्य डॉ आर बी कमल का कहना है कि पिछले फाइनेंशियल ईयर में इसका इस्तेमाल नहीं हो पाया था। इसके लिए शासन को पत्र लिखकर अनुरोध किया गया था, जिसको स्वीकार कर लिया गया हैं। अब इस फंड से नए मेडिकल इंस्ट्रूमेंट की खरीद होगी, जो भी पेंडिंग पड़ी जरूरते हैं उनको पूरा किया जाएगा।

खबरें और भी हैं…



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here