विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar)

विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar)

विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने कहा है कि LAC पर हजारों सैनिकों की तैनाती को लेकर चीन की तरफ 5 बार विरोधाभासी बयान दिए जा चुके हैं. यह बातें उन्होंने ऑस्ट्रेलियन थिंक टैंक लोवी इंस्टिट्यूट (Australian think tank Lowy Institute) से ऑनलाइन बातचीत के दौरान कही हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 9, 2020, 4:27 PM IST

नई दिल्ली. विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने कहा है कि चीन द्वारा LAC पर नियमों के उल्लंघन के कारण दोनों देशों के बीच संबंध बहुत बुरे दौर में हैं. उन्होंने कहा कि चीन की तरफ से सीमा पर शांति के नियमों का उल्लंघन किया गया. विदेश मंत्री ने कहा है कि LAC पर हजारों सैनिकों की तैनाती को लेकर चीन की तरफ 5 बार विरोधाभासी बयान दिए जा चुके हैं. यह बातें उन्होंने ऑस्ट्रेलियन थिंक टैंक लोवी इंस्टिट्यूट (Australian think tank Lowy Institute) से ऑनलाइन बातचीत के दौरान कही हैं.

संबंध 30-40 वर्षों के सबसे बुरे दौर में
भारत और चीन के बीच तकरीबन 8 महीने से चले रहे आ रहे सीमा विवाद को लेकर एस. जयशंकर ने कहा- ‘हम बीते 30-40 सालों में चीन के साथ संबंधों को लेकर सबसे बुरे दौर में हैं. गलवान घाटी में 20 सैनिकों की शहादत 1975 के बाद LAC पर सबसे बड़ी घटना थी.’ विदेश मंत्री ने माना कि दोनों देशों के संबंध पर सीमा विवाद की वजह से बहुत बुरा असर हुआ है.

सीमा पर शांति थी व्यापारिक संबंधों का मुख्य आधारएस. जयशंकर ने कहा कि बीते दशकों के दौरान भारत-चीन के मजबूत संबंध इस बात पर आधारित थे कि सीमा पर शांति बनी रहेगी. यही वजह थी चीन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर बन चुका था. दोनों देशों में शांति के साथ सीमा के सवालों को सुलझाने के लिए आपसी सहमति थी, लेकिन चीन की तरफ से नियमों को तोड़ा गया.

भारत ने अख्तियार किया है बेहद सख्त रुख
गौरतलब है कि भारत की तरफ से साफ किया जा चुका है कि चीन के साथ संबंध सामान्य होने के लिए सीमाओं पर शांति बेहद आवश्यक है. खुद विदेश मंत्री की तरफ से कहा जा चुका है कि अशांत सीमा और सामान्य व्यापारिक संबंध एक साथ नहीं चल सकते. जून में हुई गलवान घाटी की घटना के बाद भारत ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है. भारत अब तक राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए चीन के 200 से ज्यादा ऐप प्रतिबंधित कर चुका है.

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