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लखनऊ3 घंटे पहले

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 श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास को एक महीने के इलाज के बाद मेदांता हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया

  • फेफड़े में जमा हो गए थे खून के थक्के, ऑपरेशन के एक सप्ताह बाद डिस्चार्ज किया गया है

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को एक महीने के इलाज के बाद मेदांता हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कर दिया गया। उन्हें ग्रीन कॉरिडोर के जरिये लखनऊ से अयोध्या ले लाया गया। इसकी जानकारी मेदांता के डायरेक्टर डॉ राकेश कपूर ने दी।

कपूर ने बताया कि, महंत के फेफड़े में जमे हुए खून के थक्कों को हटाने का ऑपरेशन सफल किया गया था। जिसके बाद उन्हें क्रिटिकल केयर यूनिट में एक विशेष टीम की निगरानी में एक सप्ताह रखा गया, बेहतर होने के बाद आज डिस्चार्ज कर दिया गया हैं।

दो बार सीएम योगी पहुंचे हाल जानने
बीते दो सितंबर को मुम्बई से लौटने के बाद सीएम मेदांता लखनऊ हॉस्पिटल पहुंचे थे। इससे पहले सीएम योगी 10 नवंबर को मेदांता हॉस्पिटल गए थे। महंत नृत्य गोपाल दास के भर्ती होने के बाद लगातार मेदांता के डॉक्टरों के संपर्क में थे, और उनके स्वास्थ्य संबंधित चल रहे इलाज के बारे में जानकारी ले रहे थे।

नौ नवंबर को भर्ती हुए थे नृत्य गोपाल दास: 9 नवम्बर को महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ने पर लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ के साथ सीने में दर्द समेत कई अन्य दिक्कतें थी।

मेदान्ता अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि महंत नृत्य गोपाल दास को आईसीयू में रखा गया। यहां जांच के दौरान फेफड़ों में अधिक मात्रा में खून के थक्के पाए गए, जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी और दिल पर भी दबाव पड़ रहा था। उनका ब्लड प्रेशर भी कम था।

नृत्यगोपाल के गुर्दे काम नहीं कर रहे हैं
डॉ कपूर ने बताया कि, कार्डियक सर्जरी के डायरेक्टर डॉ. गौरंग मजूमदार, आईसीयू के डॉ. दिलीप दुबे, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के डॉ.रोहित अग्रवाल, इंटरनेशनल कार्डियोलॉजी के डॉ अविनाश की निगरानी में इलाज चल रहा था। ऑपरेशन थिएटर में फेफड़ों में जमे खून के थक्के को गला कर ऑपरेशन के जरिये निकाला गया था।

ऑपरेशन के बाद फेफड़ों की स्थिति में सुधार हुआ और ब्लड प्रेशर पहले से सामान्य है। डॉ. कपूर ने बताया कि महंत के गुर्दे काम नहीं कर रहे थे और पेशाब नहीं बन रही थी। इस वजह से उन्हें डायलिसिस की प्रक्रिया में रखा गया था। अब वह बेहतर है।

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