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कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को वाराणसी कमिश्नरी सभागार में महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों पर बैठक की गई। कोरोना प्रोटोकाल का ध्यान रखते हुए मंदिर के चारों द्वार से झांकी दर्शन का निर्णय लिया गया। गर्भगृह में प्रवेश एवं शिवलिंग स्पर्श की अनुमति नहीं होगी। द्वार पर ही लगे अरघे से श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकेंगे।

महाशिवरात्रि पर मैदागिन से आने वाले श्रद्धालु छत्ताद्वार से 20 मीटर पहले से मंदिर चौक से मंदिर के पूर्वी गेट से दर्शन करेंगे। वापसी मणिकर्णिका गली द्वार की तरफ से होगी। वीआईपी, सुगम दर्शन, दिव्यांगजन छत्ताद्वार से प्रवेश कर मंदिर के दूसरे गेट पर दर्शन कर उसी से वापस हो जाएंगे। गोदौलिया से आने वाले श्रद्धालु बांस फाटक, धुंडीराज गणेश से मंदिर के पश्चिमी गेट से प्रवेश कर दर्शन करेंगे। स्थानीय लोग सरस्वती फाटक गली से मंदिर में दक्षिणी गेट पर जा सकेंगे।

एलईडी स्क्रीन पर लगातार लाइव टेलीकास्ट

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार एलईडी स्क्रीन लगेंगे। इस पर लगातार लाइव टेलीकास्ट होता रहेगा। मैदागिन, गोदौलिया पर साउंड सिस्टम से समुचित जानकारी प्रसारित की जाती रहेगी। किसी भी आकस्मिक जरूरत के लिए डॉक्टरों की टीम के साथ एंबुलेंस मंदिर परिसर पर उपलब्ध रहेगी। कमिश्नर ने शिव बारात के रूट को ठीक करने के निर्देश दिए। बैठक में आईजी विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा, एसएसपी अमित पाठक, मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

मैदागिन से आगे नहीं जाएंगे वाहन
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रूट डायवर्ट किया जाएगा। मैदागिन से आगे काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर और गोदौलिया की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे। इसके लिए शहर में विभिन्न स्थलों क्वींस कॉलेज, टाउनहॉल के समीप, लहुराबीर एवं मछोदरी क्षेत्र आदि में वाहन पार्किंग कराई जाएगी।

राजघाट पर होगा तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव
राजघाट पर तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव 11 मार्च से शुरू होगा। पहले दिन स्थानीय कलाकारों के कार्यक्रम होंगे। 12 मार्च को कवि सम्मेलन तथा 13 मार्च को कैलाश खेर का कार्यक्रम होगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने घाटों के व्यापक साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था व मार्गों के ठीक-ठाक करने के निर्देश संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिए। महोत्सव स्थल पर प्रदर्शनी लगेगी। जिसमें विभिन्न विभागों के स्टाल होंगे। 

कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में सोमवार को वाराणसी कमिश्नरी सभागार में महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों पर बैठक की गई। कोरोना प्रोटोकाल का ध्यान रखते हुए मंदिर के चारों द्वार से झांकी दर्शन का निर्णय लिया गया। गर्भगृह में प्रवेश एवं शिवलिंग स्पर्श की अनुमति नहीं होगी। द्वार पर ही लगे अरघे से श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकेंगे।

महाशिवरात्रि पर मैदागिन से आने वाले श्रद्धालु छत्ताद्वार से 20 मीटर पहले से मंदिर चौक से मंदिर के पूर्वी गेट से दर्शन करेंगे। वापसी मणिकर्णिका गली द्वार की तरफ से होगी। वीआईपी, सुगम दर्शन, दिव्यांगजन छत्ताद्वार से प्रवेश कर मंदिर के दूसरे गेट पर दर्शन कर उसी से वापस हो जाएंगे। गोदौलिया से आने वाले श्रद्धालु बांस फाटक, धुंडीराज गणेश से मंदिर के पश्चिमी गेट से प्रवेश कर दर्शन करेंगे। स्थानीय लोग सरस्वती फाटक गली से मंदिर में दक्षिणी गेट पर जा सकेंगे।

एलईडी स्क्रीन पर लगातार लाइव टेलीकास्ट



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