माव्या सुदान जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की पहली और देश की 12वीं महिला फाइटर पायलट.

माव्या सुदान जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की पहली और देश की 12वीं महिला फाइटर पायलट.

श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की रहने वालीं माव्या सुदान भारतीय वायु सेना (आईएएफ) की फाइटर पायलट बन गई हैं और यह कारनामा करने वाली वह राजौरी जिले की पहली महिला हैं. राजौरी में नौशेरा के सीमाई तहसील पर स्थित गांव लाम्बेरी में इस मौके पर खुशी का माहौल है. सुदान आईएएफ में बतौर फ्लाइंग ऑफिसर नियुक्त हुई हैं.

आईएएफ में फाइटर पायलट के तौर पर नियुक्त होने वाली माव्या देश की 12वीं और राजौरी जिले की पहली महिला अधिकारी हैं. एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने शनिवार को हैदराबाद के डुंडीगल में स्थित वायु सेना अकादमी में आयोजित कम्बाइंड ग्रेजुएशन पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया था.

माव्या के पिता विनोद सुदान ने अपनी बेटी की खास उपलब्धि पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत गर्व का अनुभव कर रहा हूं. अब वह सिर्फ मेरी बेटी नहीं है, बल्कि देश की भी बेटी है. हमें कल से ही लगातार बधाई संदेश आ रहे हैं.’ फाइटर पायलट की बहन मान्यता सुदान जो कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन में बतौर जूनियर इंजीनियर काम करती हैं, ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि अपने स्कूल के दिनों से ही माव्या का झुकाव वायु सेना की तरफ था और वह हमेशा से ही फाइटर पायलट बनना चाहती थी.

उन्होंने कहा, ‘मुझे अपनी छोटी बहन पर बेहद गर्व है. बचपन से उसका यही सपना था. मुझे पूरा यकीन है कि जल्द ही वह बहादुरी का पुरस्कार भी अपने नाम के साथ जोड़ेगी. यह सिर्फ एक शुरुआत है. हर कोई उसके साथ अपनी बेटी की तरह व्यवहार कर रहा है. पूरे देश से लोग उसका ना सिर्फ समर्थन कर रहे हैं, बल्कि उसे प्रेरित भी कर रहे हैं. यह हर किसी के लिए एक प्रेरणा देने वाली कहानी है.’





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