लखनऊ का मेदांता अस्पताल यूपी का पहला हॉस्पिटल है, जो मोनोक्लोनल एंटीबाडी ट्रीटमेंट रहा है.

लखनऊ का मेदांता अस्पताल यूपी का पहला हॉस्पिटल है, जो मोनोक्लोनल एंटीबाडी ट्रीटमेंट रहा है.

मोनोक्लोनल एंटीबाडी ट्रीटमेंट देने वाला मेदांता लखनऊ UP का पहला हॉस्पिटल बन गया है. लखनऊ के निवासी नाम गुप्त पहले मरीज हैं, जिन्हें कोविड-19 का मोनोक्लोनल एंटीबाडी ट्रीटमेंट दिया गया है.

भोपाल. मोनोक्लोनल एंटीबाडी ट्रीटमेंट देने वाला मेदांता लखनऊ उत्तर प्रदेश का पहला हॉस्पिटल बन गया है. कोविड -19 की मोनोक्लोनल एंटीबाडी ट्रीटमेंट लखनऊ के निवासी नाम गुप्त को आज सुबह दिया गया. डॉ रुचिता शर्मा ने को पहला कोविड ड्रग कॉकटेल ट्रीटमेंट दिया. मोनोक्लोनल एंटोबोडी ट्रीटमेंट लेने के बाद मरीज स्वस्थ है. Regeneron नामक दवाई कोविड मरीजों के लिए इक तरह की रामबाण दवाई साबित हुई है, जिसके लगने के बाद मरीज़ के सिम्पटम और वायरल लोड में कमी देखने को मिली है.

मेडिकल डायरेक्टर मेदांता लखनऊ डॉ राकेश कपूर ने बताया कि Roche कंपनी की ये दवाई castrivimab और Imdevimab का कॉम्बिनेशन है. यह दवाई कंवलसेन्ट प्लाज्मा थेरेपी से डिफरेंट है, शोध से पता चला है की इस दवाई के प्रयोग से 80% लोगों को हॉस्पिटल में कम दिन रहना पड़ा और deathrate भी कम हुआ. इसके आलावा सिम्पटम्स में कमी देखने को मिली है. मेदांता लखनऊ में “मोनोक्लोनल एंटीबाडी” का पैकेज उपलब्ध है, अधिक जानकारी के लिए मेदांता लखनऊ के मेडिसिन डिपार्टमेंट से भी संपर्क की बात उन्होंने कही है.

मेदांता लखनऊ में अब सभी OPD और सर्जरी विभाग सुचारु रूप से कोविद प्रोटोकॉल्स को फॉलो करते हुए शुरू हो गए हैं. मेदांता लखनऊ के निदेशक डॉ राकेश कपूर ने कहा है कि “उन्होंने उम्मीद की है इस प्रयोग के नतीजे बहुत शानदार आएंगे, और आगे आने वाले दिनों में इस प्रयोग के जरिए हम कोविड-19 के मरीजों को ज्यादा से ज्यादा ठीक कर पाने में हमारी टीम सफल हो पाएंगे.”









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