किसान आंदोलन को लेकर प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को घेरा. (फोटो साभार- ANI)

किसान आंदोलन को लेकर प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार को घेरा. (फोटो साभार- ANI)

कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने मोदी सरकार पर मेरठ किसान महापंचायत (Meerut Kisan Mahapanchayat) में जमकर हमला बोला है. उन्‍होंने कहा कि जब तक ये काले कानून वापस नहीं होते, तब तक किसान और कांग्रेस डटी रहेगी.

मेरठ. केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान काफी समय से दिल्‍ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं. जबकि कांग्रेस किसानों का खुला समर्थन कर इन दिनों किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) का आयोजन कर रही है. इसी क्रम में आज पश्चिमी यूपी के मेरठ में कांग्रेस पार्टी की किसान महापंचायत हो रही है. इसमें कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है. उन्‍होंने कहा कि कृषि कानून को वापस लेने के लिए कितने भी साल लग जाएं, कांग्रेस आपके साथ खड़ी रहेगी. इसके लिए चाहे 100 दिन लग जाएं या फिर 100 साल कांग्रेस और किसान पीछे नहीं हटेंगे.

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा कि ये जो 3 कानून हैं…ये क्या आपके (किसान) भलाई के लिए बनाएं गए हैं या पीएम मोदी के खरबपति मित्रों के भलाई के लिए बनाएं गए हैं? आज 100 दिन पूरे हो गए हैं, लाखों किसान बॉर्डर पर बैठे हैं. अगर ये कानून आपके लिए बनाया गया है तो आप में से लाखों लोग बॉर्डर पर क्यों बैठे हैं? इसके साथ उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली बॉर्डर इसलिए नहीं जा सकते क्योंकि वो किसानों का आदर नहीं कर रहे, क्योंकि उनकी सरकार किसानों के लिए नहीं चल रही है, देशवासियों के लिए नहीं चल रही है उनकी सरकार उद्योगपतियों के लिए चल रही है, बड़े-बड़े खरबपतियों के लिए के लिए चल रही है.

किसानों का संसद में हुआ अपमान
इसके साथ कांग्रेस नेता ने कहा कि आज किसान लाखों की संख्या में दिल्ली बॉर्डर पर बैठा है तो क्या इस देश के पीएम नरेंद्र मोदी और देश की सरकार को उनका आदर नहीं करना चाहिए? क्या वो उस लायक भी नहीं कि आप उनसे मिले? भयंकर सर्दी थी, बिजली काटी गई फिर भी किसान टिके रहे. फिर भी आप सोचते हैं कि आपको उनके पास नहीं जाना चाहिए. इसके साथ प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी ने संसद में किसानों की मौत का मुद्दा उठाया था, लेकिन किसानों की मौत पर सभी मौन रहे. संसद में कोई सत्ता पक्ष का खड़ा नहीं हुआ. जबकि किसानों का आंदोलनजीवी और परजीवी कहकर अपमान हुआ है.गौरतलब है कि यूपी में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं. इससे पहले देशभर के किसान पिछले 3 महीने से ज्यादा समय से केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. इसके मद्देनजर प्रदेश में सियासत चरम पर है. खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कांग्रेस, सपा, रालोद और बीजेपी समेत कई पार्टियां जोर-शोर से जुटी हुई हैं.








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