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मेरठ नया आईटी हब बनने की राह पर है और यहां का आईटी पार्क बनकर तैयार है. अगले महीने उद्घाटन किया जा सकता है.

मेरठ नया आईटी हब बनने की राह पर है और यहां का आईटी पार्क बनकर तैयार है. अगले महीने उद्घाटन किया जा सकता है.

मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे के बाद अब यहां के लोगों को आईटी पार्क का भी बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. दिल्ली-देहरादून एनएच-58 पर वेदव्यासपुरी में मेरठ का आईटी पार्क बनकर तैयार है. आईटी पार्क से कम से कम पांच हजार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है. 

मेरठ. दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के बाद अब यहां के लोगों को आईटी पार्क का बड़ा तोहफा मिलने जा रहा है. आगामी जुलाई या फिर अगस्त के पहले सप्ताह में इंफॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी पार्क का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री रविशंकार प्रसाद कर सकते हैं. मेरठ का आईटी पार्क करीब 13 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ है. यह करीब ढाई एकड़ जमीन में है, जिसमें करीब 26 हजार वर्ग फीट में निर्माण हुआ है. फर्स्ट फ्लोर पर ऑफिस स्पेस है. एक बड़ा कॉन्फ्रेंस रूम बनाया गया है, जिसमें कंपनियों की मीटिंग हो सकती है. ऑडिटोरियम में आईटी कॉन्फ्रेंस की जा सकती है.

कॉन्फ्रेंस रूम आईटी इंडस्ट्री की आवश्यकता के आधार पर बनाया गया है. इसके साथ ही इसमें करीब 115 कंपनियों के कार्यालय की जगह है, माना जा रहा है कि आईटी पार्क के उदघाटन के साथ तकरीबन पांच हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे.  आईटी पार्क में कार्यों का निरीक्षण करने के लिए निर्माण एजेंसी एसटीपीआई के उच्चाधिकारियों और सांसद राजेन्द्र अग्रवाल ने वेदव्यासपुरी में जायजा लिया. अधिकारियों ने बताया कि आईटी पार्क लगभत तैयार है बस इसे फाइनल टच दिया जा रहा है. वहीं सांसद ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद तय समय पर वर्चुअल या फिर व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होकर जुलाई या फिर अगस्त में उदघाटन कर सकते हैं.

करीब पांच साल पूर्व मेरठ को आईटी सिटी बनाने की योजना थी. शासन ने आईटी सिटी की जगह आईटी पार्क का प्रस्ताव स्वीकृत किया. एमडीए की योजना वेदव्यासपुरी में आईटी पार्क का निर्माण केंद्र सरकार की एजेंसी एसटीपीआई ने शुरू किया. मार्च-2020 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य था. लेकिन इस बीच कोरोना काल में करीब तीन महीने काम बंद रहा. पिछले साल जून के बाद कार्य फिर से शुरू हुआ.और अब आईटी पार्क बनकर तैयार है. यहां काम कर रहे लोग खुद को सौभाग्यशाली समझ रहे हैं कि वो ऐसा निर्माण कर रहे हैं जो युवाओं के भविष्य का भी निर्माण करेगा.

बताया जा रहा है कि मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे बनने के बाद अब गुरुग्राम, दिल्ली के भीड़भाड़ से अलग आईटी कंपनियां मेरठ के आईटी पार्क में दिलचस्पी ले रही हैं.इसकी बड़ी वजह यह है कि अब नोएडा से एक्सप्रेसवे के जरिए करीब 45 मिनट में ही मेरठ पहुंचा जा सकता है.यकीनन आईटी पार्क का तैयार होना मेरठ के लिए बड़ी उपलब्धि है. और जिस उम्मीद से इसका निर्माण किया गया है कुछ महीने में ही उसका सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगेंगे.







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