मेहता सर्जिकल।
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

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मेहता परिवार सर्जिकल उपकरणों और पारस पर ऑक्सीजन की कालाबाजारी का आरोप
गिरफ्तारी करने में नाकाम रही प्रेमनगर पुलिस तो एसएसपी ने बदली विवेचना

बरेली। मुनाफाखोरी और ऑक्सीजन की कालाबाजारी के मामलों में मेहता सर्जिकल्स और पारस गुप्ता के खिलाफ शनिवार को एसएसपी ने विवेचना क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दी। दोनों मामलों में प्रेमनगर पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।
एसडीएम सदर और एफएसडीए ने 13 मई को डीडीपुरम में मेहता सर्जिकल्स के गोदाम पर छापा मारकर सर्जिकल उत्पादों की बिक्री में अनियमितता पकड़ी थी। प्रेमनगर पुलिस ने इस मामले में डीडीपुरम स्थित मेहता सर्जिकल्स के संचालक अजय मेहता, उनकी पत्नी सोनिका मेहता, बेटा सुशांत मेहता और भाई मेहता ट्रेडर्स के मालिक सुनील मेहता, उनकी पत्नी राखी मेहता व बेटा राहुल मेहता को आरोपी बनाया था। मगर अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इससे पहले थाना प्रेमनगर में ही पारस गुप्ता के खिलाफ महामारी और कालाबाजारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये में ऑक्सीजन सिलिंडर का सौदा किया था लेकिन ऑडियो वायरल होने के बाद वह गायब हो गया। प्रेमनगर पुलिस उसे भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। मगर दोनों ही मामलों में आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी डाल दी है। इसी बीच शनिवार को एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने इन दोनों मामलों की विवेचना क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर रही है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर अवनीश यादव ने बताया कि दोनों मामलों की फाइल क्राइम ब्रांच भेज दी गई है। अब वहीं से विवेचना होगी।

पुलिस ने लगवाए पोस्टर… एंबुलेंस वाला ज्यादा पैसे मांगे तो दें सूचना

बरेली। ऑक्सीजन या दवा कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। शनिवार को शहर भर में पोस्टर लगाए हैं। जिनके जरिए कहा गया है कि अगर एंबुलेंस वाला ज्यादा पैसा मांग रहा है या ऑक्सीजन-दवा की कालाबाजारी कहीं हो रही है तो यूपी 112 नंबर पर सूचना दें। वहीं, एडीजी ने भी यूपी 112 के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कोरोना महामारी में तमाम लोग आपदा में अवसर ढूंढकर ऑक्सीजन और दवाओं आदि की कालाबाजारी कर रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के निर्देश पर यूपी 112 के पुलिस कमियों ने शहर में जगह-जगह जागरूकता पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर के जरिये कहा गया है कि अगर कोई ऑक्सीजन की कालाबाजारी करे या एंबुलेंस वाले ज्यादा पैसे वसूलें तो आप 112 नंबर डायल कर शिकायत कर सकते हैं। एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत शहर में गांधी उद्यान, चौकी चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग भी लगवाए गए हैं।
वहीं, शाम को एडीजी अविनाश चंद्र ने जोन के सभी जिलों में यूपी 112 के नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान उन्हें बताया कि पुलिसकर्मी कोविड नियमों का पालन करें। किसी भी घटनास्थल पर माइक का इस्तेमाल करें। पक्ष और विपक्ष की बात सुनकर निष्पक्षता से शिकायत का निस्तारण करें।

मेहता परिवार सर्जिकल उपकरणों और पारस पर ऑक्सीजन की कालाबाजारी का आरोप

गिरफ्तारी करने में नाकाम रही प्रेमनगर पुलिस तो एसएसपी ने बदली विवेचना

बरेली। मुनाफाखोरी और ऑक्सीजन की कालाबाजारी के मामलों में मेहता सर्जिकल्स और पारस गुप्ता के खिलाफ शनिवार को एसएसपी ने विवेचना क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दी। दोनों मामलों में प्रेमनगर पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी।

एसडीएम सदर और एफएसडीए ने 13 मई को डीडीपुरम में मेहता सर्जिकल्स के गोदाम पर छापा मारकर सर्जिकल उत्पादों की बिक्री में अनियमितता पकड़ी थी। प्रेमनगर पुलिस ने इस मामले में डीडीपुरम स्थित मेहता सर्जिकल्स के संचालक अजय मेहता, उनकी पत्नी सोनिका मेहता, बेटा सुशांत मेहता और भाई मेहता ट्रेडर्स के मालिक सुनील मेहता, उनकी पत्नी राखी मेहता व बेटा राहुल मेहता को आरोपी बनाया था। मगर अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

इससे पहले थाना प्रेमनगर में ही पारस गुप्ता के खिलाफ महामारी और कालाबाजारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने एक व्यक्ति से 40 हजार रुपये में ऑक्सीजन सिलिंडर का सौदा किया था लेकिन ऑडियो वायरल होने के बाद वह गायब हो गया। प्रेमनगर पुलिस उसे भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। मगर दोनों ही मामलों में आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी डाल दी है। इसी बीच शनिवार को एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने इन दोनों मामलों की विवेचना क्राइम ब्रांच ट्रांसफर कर रही है। इंस्पेक्टर प्रेमनगर अवनीश यादव ने बताया कि दोनों मामलों की फाइल क्राइम ब्रांच भेज दी गई है। अब वहीं से विवेचना होगी।

पुलिस ने लगवाए पोस्टर… एंबुलेंस वाला ज्यादा पैसे मांगे तो दें सूचना

बरेली। ऑक्सीजन या दवा कालाबाजारी रोकने के लिए पुलिस ने जागरूकता अभियान शुरू किया है। शनिवार को शहर भर में पोस्टर लगाए हैं। जिनके जरिए कहा गया है कि अगर एंबुलेंस वाला ज्यादा पैसा मांग रहा है या ऑक्सीजन-दवा की कालाबाजारी कहीं हो रही है तो यूपी 112 नंबर पर सूचना दें। वहीं, एडीजी ने भी यूपी 112 के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कोरोना महामारी में तमाम लोग आपदा में अवसर ढूंढकर ऑक्सीजन और दवाओं आदि की कालाबाजारी कर रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के निर्देश पर यूपी 112 के पुलिस कमियों ने शहर में जगह-जगह जागरूकता पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टर के जरिये कहा गया है कि अगर कोई ऑक्सीजन की कालाबाजारी करे या एंबुलेंस वाले ज्यादा पैसे वसूलें तो आप 112 नंबर डायल कर शिकायत कर सकते हैं। एसपी ट्रैफिक राम मोहन सिंह ने बताया कि इस अभियान के तहत शहर में गांधी उद्यान, चौकी चौराहा जैसे प्रमुख स्थानों पर बड़े-बड़े होर्डिंग भी लगवाए गए हैं।

वहीं, शाम को एडीजी अविनाश चंद्र ने जोन के सभी जिलों में यूपी 112 के नोडल अधिकारियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की। इस दौरान उन्हें बताया कि पुलिसकर्मी कोविड नियमों का पालन करें। किसी भी घटनास्थल पर माइक का इस्तेमाल करें। पक्ष और विपक्ष की बात सुनकर निष्पक्षता से शिकायत का निस्तारण करें।



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