वाराणसी2 मिनट पहले

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प्रो. त्रिपाठी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी तीन वर्ष तक संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रहेंगे। (इनसेट में प्रो त्रिपाठी) - Dainik Bhaskar

प्रो. त्रिपाठी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी तीन वर्ष तक संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रहेंगे। (इनसेट में प्रो त्रिपाठी)

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय का नया कुलपति प्रो. हरेराम त्रिपाठी को नियुक्त किया। प्रो. त्रिपाठी कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से आगामी तीन वर्ष तक संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रहेंगे। इसके साथ ही अब तक संस्कृत विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे लखनऊ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. आलोक कुमार राय यहां से कार्यमुक्त हो जाएंगे।

राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के सर्वदर्शन विभाग के हैं प्रोफेसर
प्रो. हरे राम त्रिपाठी नई दिल्ली स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के दर्शन संकाय के सर्वदर्शन विभाग के प्रोफेसर हैं। पाणिनि पुरस्कार से पुरस्कृत प्रो. त्रिपाठी ने साल 2001 में अध्यापन कार्य की शुरुआत की थी। प्रो. त्रिपाठी की अब तक पांच पुस्तकें और 10 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने ई-पीजी पाठशाला के लिए 19 मॉड्यूल बनाए हैं।

भारतीय दर्शन के विद्वान के तौर पर है पहचान
प्रो. हरे राम त्रिपाठी भारतीय दर्शन के विद्वान के तौर पर पहचान रखते हैं। इसके अलावा उन्हें नव्यन्याय, सांख्य योग, शंकरवेदांत, न्याय-वैषेशिक और संस्कृत साहित्य का भी विशेषज्ञ माना जाता है। माना जा रहा है कि नए कुलपति के कार्यभार ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय में ऑनलाइन पठन-पाठन की सुविधा तेजी से विकसित होने के साथ ही चार साल से बंद शोध कार्य को बढ़ावा मिलेगा।

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