अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:03 AM IST

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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं तीन अगस्त से शुरू होने जा रही हैं। परीक्षाएं तीन पालियों में होंगी और 14 अगस्त तक चलेंगे। इसमें तकरीबन 60 हजार शिक्षार्थी शामिल होंगे। अगर कोई शिक्षार्थी कोराना संक्रमित है तो उसे अतिरिक्त सुविधा प्रदान की जाएगी और वह बगैर शुल्क दिए परीक्षा में फिर से शामिल हो सकेंगे।

कोविड के कारण इस बार मुक्त विवि ने अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर बाकी सभी को प्रोन्नत कर दिया है। 13 सितंबर से नए सत्र की शुरुआत होनी है, ऐसे में अगस्त में ही परीक्षा पूरी करा ली जाएगी। परीक्षा में  बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रश्नों का जवाब ओएमआर पर देना होगा। प्रश्नपत्रों की समयावधि डेढ़ घंटे होगी और एक विषय के सभी प्रश्नपत्रों को समाहित करते हुए 60 प्रश्नों का एक प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। एक प्रश्नपत्र में अधिकतम तीन प्रश्नपत्रों को ही समाहित किया जाएगा।

वहीं, कोरोना से संक्रमित कोई शिक्षार्थी अगर परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है तो बिना शुल्क दिए बाद में परीक्षा दे सकेगा। साथ ही जो शिक्षार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होते हैं, उन्हें आगामी परीक्षा में अंक सुधार का मौका दिया जाएगा। अगर शिक्षार्थी दो प्रश्नपत्रों में अनुत्तीर्ण है तो अधिकतम वह छह अंक कृपांक प्रदान कर उत्तीर्ण किया जाएगा। यह व्यवस्था केवल जून 2021 के सत्रांत परीक्षा में लागू रहेगी। प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी, बल्कि लिखित परीक्षा के आधार पर उनके अंकों का निर्धारण होगा। मौखिक परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी।

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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष एवं अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं तीन अगस्त से शुरू होने जा रही हैं। परीक्षाएं तीन पालियों में होंगी और 14 अगस्त तक चलेंगे। इसमें तकरीबन 60 हजार शिक्षार्थी शामिल होंगे। अगर कोई शिक्षार्थी कोराना संक्रमित है तो उसे अतिरिक्त सुविधा प्रदान की जाएगी और वह बगैर शुल्क दिए परीक्षा में फिर से शामिल हो सकेंगे।

कोविड के कारण इस बार मुक्त विवि ने अंतिम वर्ष और अंतिम सेमेस्टर को छोड़कर बाकी सभी को प्रोन्नत कर दिया है। 13 सितंबर से नए सत्र की शुरुआत होनी है, ऐसे में अगस्त में ही परीक्षा पूरी करा ली जाएगी। परीक्षा में  बहुविकल्पीय प्रकार के प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रश्नों का जवाब ओएमआर पर देना होगा। प्रश्नपत्रों की समयावधि डेढ़ घंटे होगी और एक विषय के सभी प्रश्नपत्रों को समाहित करते हुए 60 प्रश्नों का एक प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। एक प्रश्नपत्र में अधिकतम तीन प्रश्नपत्रों को ही समाहित किया जाएगा।

वहीं, कोरोना से संक्रमित कोई शिक्षार्थी अगर परीक्षा में शामिल नहीं हो पाता है तो बिना शुल्क दिए बाद में परीक्षा दे सकेगा। साथ ही जो शिक्षार्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं होते हैं, उन्हें आगामी परीक्षा में अंक सुधार का मौका दिया जाएगा। अगर शिक्षार्थी दो प्रश्नपत्रों में अनुत्तीर्ण है तो अधिकतम वह छह अंक कृपांक प्रदान कर उत्तीर्ण किया जाएगा। यह व्यवस्था केवल जून 2021 के सत्रांत परीक्षा में लागू रहेगी। प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं कराई जाएंगी, बल्कि लिखित परीक्षा के आधार पर उनके अंकों का निर्धारण होगा। मौखिक परीक्षा ऑनलाइन मोड में होगी।



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