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SBI का शुद्ध मुनाफा चौथी तिमाही में 80 फीसदी बढ़कर 6451 करोड़ रुपये तक पहुंचा

SBI का चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन रहा

मुंबई:

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( एसबीआई) का एकल आधार पर शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2020-21 की जनवरी-मार्च तिमाही में 80 प्रतिशत उछलकर 6,450.75 करोड़ रुपये पहुंच गया है. फंसे कर्जों (एनपीए) के प्रावधान में अच्छी खासी कमी आने से उसका मुनाफा बढ़ा है. एसबीआई ने शेयर बाजार को बताया कि 2019-20 की जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान उसका लाभ 3,580.81 करोड़ रुपये था.बैंक का पूरे वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान एकल शुद्ध लाभ 41 प्रतिशत बढ़कर 20,410.17 करोड़ रुपये हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 14,488.11 करोड़ रुपये था.

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एसबीआई के चेयरमैन दिनेश खारा ने कहा किहमने लाभ और परिसंपत्ति गुणवत्ता दोनों के मामले में चौथी तिमाही में अपने प्रदर्शन को और मजबूत किया है. हम महामारी के कारण हुए व्यवधानों के बावजूद लाभ के संदर्भ में सभी क्षेत्रों में लगातार सुधार करने में सक्षम रहे हैं. स्टेट बैंक ने कहा कि बीते वित्त वर्ष की मार्च तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 81,326.96 करो ड़ रुपये हो गई, जो 2019-20 की समान अवधि में 76,027.51 करोड़ रुपये थी. बैंक का शुद्ध लाभ पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 60 प्रतिशत बढ़कर 7,270.25 करोड़ रुपये रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में4,557.49 करोड़ रुपये था.

बैंक का कुल एनपीए 31 मार्च 2021 को कुल अग्रिमों के मुकाबले 4.98 प्रतिशत था, जबकि 2020 की समान अवधि में यह 6.15 प्रतिशत था.एसबीआई का सकल एनपीए अनुपात 5 प्रतिशत से नीचे आ गया है जो पांच साल में सबसे कम है। आने वाले समय में हमें संपत्ति गुणवत्ता के मामले में कोई चिंता नहीं दिखती.  इसी तरह शुद्ध एनपीए भी 31 मार्च 2021 को घटकर 1.50 प्रतिशत रह गया, जो इससे एक साल पहले की अवधि में 2.23 प्रतिशत था.

बैंक का शुद्ध एनपीए मार्च 2021 में 36,810 करोड़ रुपये था. फंसे हुए कर्ज के लिए का प्रावधान पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में 11,894 करोड़ रुपये की तुलना में 16.64 प्रतिशत घटकर 9,914 करोड़ रुपये रह गया. खारा ने कहा कि हाल में कोरोना मामलों में बढ़ोतरी और इसकी रोकथाम के लिये विभिन्न राज्यों में लगाए गए लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था में जो तेजी दिख रही थी, वह धीमी पड़ी है.

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