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वर्चस्व को लेकर उपजी रंजिश से हुए ब्लाक प्रमुख हत्याकांड से सिराथू कस्बा थर्रा उठा था। 27 फरवरी 2005 को सिराथू इलाके के किसान नेता नूरूल इस्लाम के यहां शादी का जश्न था। वैवाहिक कार्यक्रम में वरिष्ठ सपा नेता व सिराथू के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवसागर सिंह अपने काफिले के साथ शामिल होने गए थे। वापस लौटते वक्त सिराथू कस्बे में दिनदहाड़े उन पर गोलियों व बम की बौछार कर दी गई। वारदात में शिवसागर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में नामजद आरोपी गिरीश मिश्रा और उसके भाई रुद्र प्रकाश की आज तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नाम पर सिर्फ पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाई। गिरफ्तारी के लिए कथित तौर पर गठित टीमें अब तक हवा में तीर चला रहीं हैं। अज्ञात हमलावरों का भी कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस ने हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 
सैनी कोतवाली के शाखा गांव निवासी शिवसागर सिंह सपा के वरिष्ठ नेता था। एक समय जिले में उनकी तूती बोलती थी। वह सिराथू के ब्लॉक प्रमुख भी रह चुके थे। शाखा गांव में वर्षों पहले गिरीश मिश्रा के पिता की हत्या हो गई थी। गिरीश अपने पिता की हत्या का जिम्मेदार ब्लाक प्रमुख शिवसागर सिंह को मानता था। उसने शिवसागर सिंह को मारने की कसम भी खाई थी। 27 फरवरी 2005 को वह किसान नेता नूरूल इस्लाम के यहां कुरामुरादीन में वैवाहिक समारोह में शामिल होने गए थे।

दिन में आयोजित कार्यक्रम में वह वर और वधू को आशीर्वाद देने के बाद घर लौट रहे थे। जैसे ही वह सिराथू रेलवे क्रासिंग के पास पहुंचे तो गेट बंद होने के कारण उनका काफिला रुक गया। इस बीच आधा दर्जन से अधिक बदमाशों ने शिवसागर सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियों व बम से हमला कर दिया गया। वारदात स्थल पर इतने राउंड फायरिंग हुई कि ब्लाक प्रमुख की कार भी छलनी हो गई। मौके पर ही शिवसागर सिंह की मौत हो गई थी। इस मामले में शिवसागर सिंह के बेटे व कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन रहे सुघर सिंह की तहरीर पर शाखा गांव के गिरीश मिश्रा, उसके भाई रुद्र प्रकाश मिश्रा, रामानंद मिश्रा और ब्रह्मदीन मिश्रा के अलावा कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया।
मामला राजनैतिक होने के कारण विधानसभा में भी सवाल उठाया गया। इसके बाद भी पुलिस अब तक मुख्य आरोपी गिरीश को गिरफ्तार नहीं कर सकी। पुलिस के आंकड़ों की मानें तो गिरीश और रुद्र प्रकाश की गिरफ्तारी के लिए पहले पांच हजार का इनाम घोषित किया गया था, अब उसे बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है। कथित तौर पर पुलिस की टीमें गिरीश की गिरफ्तारी के लिए छापे मार रहीं हैं, लेकिन वह अब तक पकड़ा नहीं जा सका।  

शरीर से सटाकर मारी गई थी गोलियां

ब्लाक प्रमुख शिवसागर सिंह को बदमाशों ने शरीर से सटाकर गोलियां मारीं थीं। बदमाश उन गोलियों की बौछार तब तक करते रहे जब तक ब्लाक प्रमुख की मौत का इत्मीनान नहीं हो गया। बताया जाता है कि इसके बाद भी हमलावरों ने शिवसागर सिंह के शरीर को हिलाकर भी देखा। मौत के बाद भी उन पर गोलियां दागी गईं। 

लूट ले गए थे लाइसेंसी रिवाल्वर

ब्लाक प्रमुख शिवसागर सिंह पर बदमाशों ने रेकी करने के बाद हमला किया था। हमला इतना सुनियोजित था कि उनको अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर तक निकालने का मौका भी नहीं मिला। इसके बाद बदमाश उनकी रिवाल्वर भी लूट ले गए थे। बाद में रिवाल्वर सिराथू रेलवे लाइन के पास बरामद की गई थी।
 

  • सपा नेता की हत्या में नामजद आरोपी गिरीश मिश्रा वारदात के बाद से अब तक पकड़ा नहीं गया है। पता चला है कि वह साधु हो गया है। फिर भी गिरीश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रहीं हैं। गिरीश की गिरफ्तारी के लिए 20 हजार का इनाम घोषित किया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। – रामवीर सिंह, सीओ सिराथू

वर्चस्व को लेकर उपजी रंजिश से हुए ब्लाक प्रमुख हत्याकांड से सिराथू कस्बा थर्रा उठा था। 27 फरवरी 2005 को सिराथू इलाके के किसान नेता नूरूल इस्लाम के यहां शादी का जश्न था। वैवाहिक कार्यक्रम में वरिष्ठ सपा नेता व सिराथू के पूर्व ब्लॉक प्रमुख शिवसागर सिंह अपने काफिले के साथ शामिल होने गए थे। वापस लौटते वक्त सिराथू कस्बे में दिनदहाड़े उन पर गोलियों व बम की बौछार कर दी गई। वारदात में शिवसागर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में नामजद आरोपी गिरीश मिश्रा और उसके भाई रुद्र प्रकाश की आज तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। दोनों मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नाम पर सिर्फ पुलिस ने इनाम की राशि बढ़ाई। गिरफ्तारी के लिए कथित तौर पर गठित टीमें अब तक हवा में तीर चला रहीं हैं। अज्ञात हमलावरों का भी कोई सुराग नहीं लग सका है। पुलिस ने हत्याकांड में नामजद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 



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