लखनऊ2 घंटे पहलेलेखक: विजय उपाध्याय

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यूपी में 302 से ज्यादा पार्टियां मैदान में होंगी। - Dainik Bhaskar

यूपी में 302 से ज्यादा पार्टियां मैदान में होंगी।

अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी मोर्चेबंदी के लिए देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में छोटे दलों की पूछ-परख बढ़ गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में छोटी पार्टियों ने भले कोई चमत्कार न किया हो लेकिन इनकी भूमिका हार-जीत तय कर देती है। यही कारण है कि भाजपा से लेकर सपा और कांग्रेस तक छोटे दलों को साधने में जुटी हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ रही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभसपा) असद्दुद्दीन ओवैसी के साथ भागीदारी मोर्चा बना रही है। दस पार्टियों वाले इस मोर्चे की घोषणा 9 जुलाई को होनी है।

छोटे दलों की जरूरत समझते हुए भाजपा मौजूदा साथियों-अपना दल और निषाद पार्टी से रिश्ते सुधार रही है। भाजपा के साथ लोकसभा चुनाव लड़े अपना दल के दो सांसद हैं। मोदी-1 में राज्यमंत्री रहीं अपना दल अध्यक्ष और सांसद अनुप्रिया पटेल केंद्र में मंत्री पद के इंतजार में हैं। निषाद पार्टी को एक एमएलसी, प्रदेश में मंत्री पद व 2022 में सरकार बनने पर डिप्टी सीएम पद चाहिए। सपा ने भी छोटी पार्टियों से तालमेल का एलान किया है। शनिवार को ही “आप’ सांसद व यूपी प्रभारी संजय सिंह सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मिले।

2017 में इन छोटे दलों ने दिखाई थी ताकत

  • अपना दल 11 सीटों पर लड़ी, 9 जीती और 8.5 लाख वोट मिले
  • सुभसपा 8 सीटों पर लड़ी थी, 4 पर जीती और 6 लाख वोट मिले
  • निषाद पार्टी 72 सीटों पर लड़ी, पर जीती एक, 5.4 लाख वोट
  • पीस पार्टी के 68 प्रत्याशी, 67 की जमानत जब्त, 2.27 लाख वोट
  • आवैसी की पार्टी 38 सीट लड़ी, 37 पर जमानत जब्त, 2 लाख मत
  • आरएलडी के 277 प्रत्याशी, जीता केवल एक लेकिन, वोट 15 लाख

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