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प्रयागराज3 घंटे पहले

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पहले फटकार और अब तारीफ। कुछ दिन पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी की स्‍वास्‍थ्‍य व्यवस्था को राम भरोसे बताया था। अब हाईकोर्ट ने कहा है कि कोरोना के इलाज के लिए योगी सरकार द्वारा उठाए गए कदम अच्छे हैं। अदालत ने कोरोना संक्रमण के बीच राज्‍य सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों पर संतुष्टि जताई है।

जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की बेंच ने प्रदेश में कोरोना के इलाज के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कोविड मैनेजमेंट के लिए योगी सरकार की तारीफ की। कोर्ट ने राज्य सरकार के ओर से दी गई रिपोर्ट को देखा, हालांकि कोई आदेश नहीं किया। सुनवाई के लिए जून के दूसरे सप्ताह में कोई तारीख तय करने का निर्देश दिया।

5 जिलों की रिपोर्ट को कोर्ट ने देखा

कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से बहराइच, श्रावस्ती, बिजनौर, बाराबंकी और जौनपुर जिले में उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं के संबंध में दाखिल रिपोर्ट का संज्ञान लिया। इसके बाद कोर्ट ने कहा कि योगी सरकार के स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में उठाए गए कुछ कदम प्रशंसा के योग्य हैं।

कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख पर पांच और जिलों भदोही, गाजीपुर, बलिया, देवरिया और शामली की मेडिकल सुविधाओं के बारे में प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

योगी सरकार ने तय कीं टेस्‍ट की दरें

कोर्ट ने RTPCR, एंटीजन, ट्रूनेट टेस्ट और सीटी स्कैन की दरें निर्धारित किए जाने की सरकार की पहल पर विशेष तौर पर संतुष्टि जताई। हाल ही में सरकार की और से सभी टेस्ट की दरें निर्धारित कर दी थीं। सरकार की ओर से RTPCR की दर 500 से 900 रुप, के बीच, एंटीजन टेस्ट 200 रुपए, ट्रूनेट टेस्ट 1200 रुपए, और सीटी स्कैन 2000 से 2500 रुपए के बीच निर्धारित की गई है।

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