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  • The Land Which Was Sold 5 Minutes Ago For 2 Crores, The Trust Bought It For 18.5 Crores, Both The Deals Of 1.2 Acres Of Land Were Done On 18 March

लखनऊ/अयोध्या4 घंटे पहले

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जमीन के दोनों ही सौदों में कॉमन गवाह- ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा। - Dainik Bhaskar

जमीन के दोनों ही सौदों में कॉमन गवाह- ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा।

अयोध्या में मंदिर बनवा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर जमीन खरीद में घोटाले का आरोप लगा है। यह आरोप आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के नेता पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने लगाया है। संजय सिंह ने लखनऊ में रविवार को कहा- ‘18 मार्च को ट्रस्ट ने 18.5 करोड़ रु. में सुल्तान अंसारी और रविमोहन तिवारी नाम के दो व्यक्तियों से जमीन खरीदी।

खास बात यह है कि यह जमीन 5 मिनट पहले ही हरीश पाठक और कुसुम पाठक से 2 करोड़ रु. में खरीदी गई थी। यानी सिर्फ 5 मिनट में जमीन 16.5 करोड़ महंगी हो गई। यह श्री राम के भक्तों से मिले दान की सीधी लूट है। कागजात पर अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और ट्रस्ट में शामिल डॉ. अनिल मिश्रा के हस्ताक्षर हैं।’ संजय सिंह ने कहा- ‘जो जमीन मंदिर ट्रस्ट ने खरीदी, उसके एग्रीमेंट के लिए ई-स्टांप 5:11 बजे खरीदा गया। रविमोहन तिवारी ने जो जमीन हरीश पाठक से खरीदी, उसका ई-स्टांप 5:22 बजे खरीदा गया। आखिर ट्रस्ट ने स्टांप पहले ही कैसे खरीद लिया?

सपा नेता पवन पांडेय ने अयोध्या में कहा- ‘जमीन के लिए ट्रस्ट ने 17 करोड़ रु. का आरटीजीएस किया। जांच होनी चाहिए कि ये पैसा किन लोगों के खाते में गया। जिस जमीन को 18.5 करोड़ रु. में खरीदा गया, उसका सर्किल रेट 5.8 करोड़ रु. है। जमीन 1.208 हेक्टेयर है।’ पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि धार्मिक भावनाओं के साथ विश्वासघात के मामले की जांच ईडी और सीबीआई से करानी चाहिए।

यह कैसा संयोग? इस जमीन के दोनों ही सौदों में कॉमन गवाह- ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा
पहले जब जमीन हरीश पाठक-कुसुम पाठक से सुल्तान अंसारी-रविमोहन तिवारी ने खरीदी तो रजिस्ट्री के दौरान गवाह नंबर-1 डॉ. अनिल मिश्रा बने। डॉ. मिश्रा श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। किसी भी भुगतान के चेक पर डॉ. मिश्रा ही साइनिंग अथॉरिटी हैं। उसके बाद जब अंसारी-तिवारी ने जमीन श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को बेची तो डॉ. मिश्रा गवाह नंबर-2 बन गए। इस बारे में मीडिया के कुछ लोगों ने अयोध्या में रविवार को उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन वे भागते हुए अपनी गाड़ी में बैठे और चले गए।

संत नाराज, बोले- आरोपों की जांच जल्द शुरू हो
अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि यह मामला श्री राम से जुड़ा है। इसकी उच्च स्तरीय जांच हो। जो दोषी पाया जाए, उसे बख्शा न जाए। लेकिन, मैं यह भी कहना चाहता हूं कि अगर संजय सिंह जांच में सही नहीं पाए गए तो उन पर 50 हजार करोड़ रुपए की मानहानि का दावा करूंगा। वहीं, राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा जांच जल्द हो, ताकि सच्चाई सामने आ सके।

राय बोले- हम पर तो बापू की हत्या का आरोप भी लगा था

रविवार को ट्रस्ट की बैठक थी। उसके बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सामने आए। उन्होंने मीडिया से कहा- ‘बैठक के अलावा कोई और सवाल पूछोगे तो मैं चला जाऊंगा।’ लेकिन बार-बार पूछने पर बोले- ‘आरोप तो महात्मा गांधी की हत्या का भी हम पर लगा था। आरोप तो हम पर लगते ही रहते हैं।’ जब पूछा गया कि दस्तावेज के साथ आरोप लगा है तो बोले- ‘हां, मैं जानता हूं। मैं तैयार हूं। अध्ययन करूंगा, तब कुछ बोलूंगा।’

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