सर्किट हाउस में प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा।
– फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

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जिले में ब्लॉक स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने आए थे प्रभारी मंत्री
सर्कि ट हाउस में बैठक के दौरान कहा प्रदेश में कहीं बिजली की किल्लत नहीं

बरेली। जिले में विकास कार्यों की समीक्षा करने आए प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सब अच्छा है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। गर्मी बढ़ने से लोड बढ़ा है और यही कारण है कि ट्रिपिंग हो रही है। बरेली के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर कहा कि अगले साल तक शहर स्मार्ट दिखेगा। कमिश्नर को आदेश दिए गए हैं कि इसकी नियमित समीक्षा होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार भी इसकी लगातार समीक्षा कर रहे हैं।
प्रभारी मंत्री ने कहा कि वह ब्लॉक स्तर पर को रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने आए थे। कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं वहीं हल हो जाएं और ग्रामीणों को तहसील तक आने की जरूरत न पड़े। इसे लेकर कमिश्नर को आदेश दिए गए हैं कि रोस्टर बनाया जाए और ग्राम पंचायतों में सेक्रेटरी रोजाना बैठे। सोमवार से ही बैठने के आदेश दिए हैं। सरकार का मानना है कि गांव समृद्वशाली होंगे तो ही कमिश्नरी समृद्व बनेंगी और प्रदेश समृद्व होगा। हम लगातार उसी दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील की। कहा कि कोरोना में हमने कई अपनों को खोया है। इसलिए वैक्सीन जरूर लगवाएं। कहा कि सरकार की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कैं प लग रहे हैं।

2032 तक बिजली की कोई समस्या नहीं

प्रभारी मंत्री ने कहा कि 2017 में जब भाजपा की सरकार आई तो प्रदेश की क्षमता साढ़े 16 हजार मेगावाट की थी। हम इसे अगले साल गर्मी तक 28 हजार मेगावाट पर पहुंच जाएंगे। इस समय हमारी क्षमता 25 हजार मेगावाट की है। 2032 तक प्रदेश के सामने बिजली का कोई संकट नहीं है। कहा कि पूर्व की सरकार में प्रदेश में सिर्फ चार जिले वीआईपी थे और बाकी 71 रामभरोसे चल रहे थे। पहले बिजली आना खबर थी और अब बिजली जाना खबर बन रही है। ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि वह रोस्टर के हिसाब से गांव को 18 घंटे, तहसील को 20 घंटे और जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली सभी जनपदों में समान रूप से दे रहे हैं। ट्रिपिंग पर कहा कि आंधी बारिश में बिजली के तार टूट जाते हैं तो उन्हें सही करने के लिए कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित होती है लेकिन हम उसे बहुत जल्द ठीक भी कर रहे हैं। कोरोना के कारण कुछ काम बाधित हुए हैं और अभी भी प्रभावित हो रहे हैं लेकिन उन्हें ठीक किया जा रहा है। किसानों को अलग फीडर से बिजली दी जा रही है।

अगले साल तक स्मार्ट दिखेगा बरेली

प्रभारी मंत्री ने कहा कि बरेली स्मार्ट सिटी में शामिल है। स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है। अगले साल तक शहर स्मार्ट दिखाई देगा। कमिश्नर को आदेशित भी किया गया है कि स्मार्ट सिटी से जुड़े प्रोजेक्ट पर नियमित समीक्षा करके शासन को रिपोर्ट दे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार खुद इन सभी प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।

भारी कटौती हो रही है मंत्री जी अफसर फोन भी नहीं उठाते

बरेली। सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बिजली संकट न होने का दावा किया लेकिन यहीं पर भाजपा मंडल अध्यक्षों और कोर ग्रुप के साथ हुई बैठक में भाजपाइयों ने जिले में बिजली की जबर्दस्त कटौती की शिकायतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अफसर फोन तक नहीं उठाते। 
प्रभारी मंत्री ने मंडल अध्यक्षों से अपने क्षेत्र की समस्याओं के बारे में पूछा तो सबसे ज्यादा बिजली कटौती की ही शिकायत की गई। एक मंडल अध्यक्ष ने कहा कि कोटेदार बड़े पैमाने पर राशन की घटतौली कर रहे हैं। यह हर क्षेत्र की समस्या है। अधिकारी शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करते हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने दूसरे विभागों के अधिकारियों की भी शिकायत की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि वह इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगे। इसके बाद उन्हाेंने कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा। 

सर्किट हाउस में किया स्वागत 

बरेली। प्रभारी मंत्री का काफिला सर्किट हाउस पहुंचा तो वहां केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, जिलाध्यक्ष पवन शर्मा और महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा आदि पहले से मौजूद थे। सभी ने प्रभारी मंत्री को पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हाेंने पार्टी की कोर ग्रुप के साथ बैठक की और महानगर टीम से बात की। इस मौके पर आंवला अध्यक्ष वीर सिंह पाल के अलावा विधायक धर्मपाल सिंह, डॉ. अरुण कुमार, बहोरन लाल मौर्य, डीसी वर्मा, छत्रपाल गंगवार, श्याम बिहारी लाल, राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल आदि मौजूद रहे। 
बिजली ने अपने मंत्री को भी नहीं पहचाना

ऊर्जा मंत्री के बरेली दौरे के बीच करीब छह घंटे गुल रही सप्लाई, भीषण गर्मी में उबले लोग

बरेली। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा बतौर जिले के प्रभारी रविवार को बरेली के दौरे पर थे लेकिन इसके बाद भी शहरवासियों पर बिजली का संकट और ज्यादा भारी पड़ा। शहर में सुबह से ही बिजली गुल होने का दौर शुरू हुआ तो शाम तक थमने में नहीं आया। देहात के कई इलाकों में लगभग पूरे दिन बिजली गुल रही। हालांकि ऊर्जा मंत्री ने इसके बावजूद पूरे प्रदेश में कहीं भी बिजली संकट जैसी स्थिति को नकार दिया। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की उपलब्धि से जोड़ते हुए कहा कि 2032 तक प्रदेश में बिजली का कोई संकट नहीं आने वाला।
पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद पूरे जिले में कई दिनों से लोगों को बिजली की समस्या झेलनी पड़ रही है। भीषण गर्मी में बड़े पैमाने पर फाल्ट और ट्रिपिंग से घंटों-घंटों के लिए बिजली गुल हो जाने से लोग परेशान हैं। रविवार को ऊर्जा मंत्री के बरेली के दौरे पर होने के बावजूद यह संकट और ज्यादा हावी रहा। शहर के राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, सुभाषनगर, सिविल लाइंस समेत ज्यादातर प्रमुख इलाकों में कई बार बिजली गुल हुई। इसके अलावा एबीसी केबिल जल जाने से रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पीछे बसी कई कॉलोनियों में बिजली लगभग पूरे दिन नहीं आई। शनिवार रात आंधी आने से पूरे जिले में कई जगह खंभे और पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। शहर में तो लाइनें दुरुस्त कर दी गईं लेकिन देहात के कई इलाकों में 24 घंटे बाद भी सप्लाई चालू नहीं हो पाई। 
भीषण बिजली कटौती का मुद्दा जब सर्किट हाउस में ऊर्जा मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठा तो उन्होंने इसे यह कहकर सिरे से खारिज कर दिया कि सब अच्छा है और कहीं कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने बिजली संकट के मुद्दे को सरकार की उपलब्धि से जोड़ते हुए कहा कि 2017 में जब भाजपा सरकार आई थी तो प्रदेश की क्षमता साढ़े 16 हजार मेगावाट की थी जो अब अगले साल गर्मी तक 28 हजार मेगावाट हो जाएगी। इस समय क्षमता 25 हजार मेगावाट की है। 2032 तक प्रदेश में कोई बिजली कोई संकट नहीं होगा। पिछली सरकार में सिर्फ चार जिले वीआईपी थे, बाकी 71 रामभरोसे चल रहे थे। पहले बिजली आना खबर थी और अब बिजली जाना खबर बन रही है। 

जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, गांवों को दी जा रही है 18 घंटे बिजली

ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि वह रोस्टर के हिसाब से सभी जनपदों में समान रूप से गांव को 18 घंटे, तहसील को 20 घंटे और जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली दे रहे हैं। ट्रिपिंग पर कहा कि आंधी-बारिश में बिजली के तार टूट जाते हैं, उन्हें सही करने के लिए कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित होती है। हम उसे बहुत जल्द ठीक भी कर रहे हैं। कोरोना के कारण कुछ काम बाधित हुए हैं, अब भी प्रभावित हो रहे हैं लेकिन उन्हें ठीक किया जा रहा है। किसानों को अलग फीडर से बिजली दी जा रही है।

जिले में ब्लॉक स्तर पर हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने आए थे प्रभारी मंत्री

सर्कि ट हाउस में बैठक के दौरान कहा प्रदेश में कहीं बिजली की किल्लत नहीं

बरेली। जिले में विकास कार्यों की समीक्षा करने आए प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि सब अच्छा है। कहीं कोई दिक्कत नहीं है। गर्मी बढ़ने से लोड बढ़ा है और यही कारण है कि ट्रिपिंग हो रही है। बरेली के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर कहा कि अगले साल तक शहर स्मार्ट दिखेगा। कमिश्नर को आदेश दिए गए हैं कि इसकी नियमित समीक्षा होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार भी इसकी लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि वह ब्लॉक स्तर पर को रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने आए थे। कहा कि सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं वहीं हल हो जाएं और ग्रामीणों को तहसील तक आने की जरूरत न पड़े। इसे लेकर कमिश्नर को आदेश दिए गए हैं कि रोस्टर बनाया जाए और ग्राम पंचायतों में सेक्रेटरी रोजाना बैठे। सोमवार से ही बैठने के आदेश दिए हैं। सरकार का मानना है कि गांव समृद्वशाली होंगे तो ही कमिश्नरी समृद्व बनेंगी और प्रदेश समृद्व होगा। हम लगातार उसी दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से कोरोना वैक्सीन लगवाने की अपील की। कहा कि कोरोना में हमने कई अपनों को खोया है। इसलिए वैक्सीन जरूर लगवाएं। कहा कि सरकार की ओर से जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कैं प लग रहे हैं।

2032 तक बिजली की कोई समस्या नहीं

प्रभारी मंत्री ने कहा कि 2017 में जब भाजपा की सरकार आई तो प्रदेश की क्षमता साढ़े 16 हजार मेगावाट की थी। हम इसे अगले साल गर्मी तक 28 हजार मेगावाट पर पहुंच जाएंगे। इस समय हमारी क्षमता 25 हजार मेगावाट की है। 2032 तक प्रदेश के सामने बिजली का कोई संकट नहीं है। कहा कि पूर्व की सरकार में प्रदेश में सिर्फ चार जिले वीआईपी थे और बाकी 71 रामभरोसे चल रहे थे। पहले बिजली आना खबर थी और अब बिजली जाना खबर बन रही है। ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि वह रोस्टर के हिसाब से गांव को 18 घंटे, तहसील को 20 घंटे और जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली सभी जनपदों में समान रूप से दे रहे हैं। ट्रिपिंग पर कहा कि आंधी बारिश में बिजली के तार टूट जाते हैं तो उन्हें सही करने के लिए कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित होती है लेकिन हम उसे बहुत जल्द ठीक भी कर रहे हैं। कोरोना के कारण कुछ काम बाधित हुए हैं और अभी भी प्रभावित हो रहे हैं लेकिन उन्हें ठीक किया जा रहा है। किसानों को अलग फीडर से बिजली दी जा रही है।

अगले साल तक स्मार्ट दिखेगा बरेली

प्रभारी मंत्री ने कहा कि बरेली स्मार्ट सिटी में शामिल है। स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है। अगले साल तक शहर स्मार्ट दिखाई देगा। कमिश्नर को आदेशित भी किया गया है कि स्मार्ट सिटी से जुड़े प्रोजेक्ट पर नियमित समीक्षा करके शासन को रिपोर्ट दे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार खुद इन सभी प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं।

भारी कटौती हो रही है मंत्री जी अफसर फोन भी नहीं उठाते

बरेली। सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बिजली संकट न होने का दावा किया लेकिन यहीं पर भाजपा मंडल अध्यक्षों और कोर ग्रुप के साथ हुई बैठक में भाजपाइयों ने जिले में बिजली की जबर्दस्त कटौती की शिकायतों की झड़ी लगा दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अफसर फोन तक नहीं उठाते। 

प्रभारी मंत्री ने मंडल अध्यक्षों से अपने क्षेत्र की समस्याओं के बारे में पूछा तो सबसे ज्यादा बिजली कटौती की ही शिकायत की गई। एक मंडल अध्यक्ष ने कहा कि कोटेदार बड़े पैमाने पर राशन की घटतौली कर रहे हैं। यह हर क्षेत्र की समस्या है। अधिकारी शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं करते हैं। कुछ कार्यकर्ताओं ने दूसरे विभागों के अधिकारियों की भी शिकायत की। प्रभारी मंत्री ने कहा कि वह इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगे। इसके बाद उन्हाेंने कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटने को कहा। 

सर्किट हाउस में किया स्वागत 

बरेली। प्रभारी मंत्री का काफिला सर्किट हाउस पहुंचा तो वहां केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, जिलाध्यक्ष पवन शर्मा और महानगर अध्यक्ष केएम अरोड़ा आदि पहले से मौजूद थे। सभी ने प्रभारी मंत्री को पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हाेंने पार्टी की कोर ग्रुप के साथ बैठक की और महानगर टीम से बात की। इस मौके पर आंवला अध्यक्ष वीर सिंह पाल के अलावा विधायक धर्मपाल सिंह, डॉ. अरुण कुमार, बहोरन लाल मौर्य, डीसी वर्मा, छत्रपाल गंगवार, श्याम बिहारी लाल, राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल आदि मौजूद रहे। 

बिजली ने अपने मंत्री को भी नहीं पहचाना

ऊर्जा मंत्री के बरेली दौरे के बीच करीब छह घंटे गुल रही सप्लाई, भीषण गर्मी में उबले लोग

बरेली। ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा बतौर जिले के प्रभारी रविवार को बरेली के दौरे पर थे लेकिन इसके बाद भी शहरवासियों पर बिजली का संकट और ज्यादा भारी पड़ा। शहर में सुबह से ही बिजली गुल होने का दौर शुरू हुआ तो शाम तक थमने में नहीं आया। देहात के कई इलाकों में लगभग पूरे दिन बिजली गुल रही। हालांकि ऊर्जा मंत्री ने इसके बावजूद पूरे प्रदेश में कहीं भी बिजली संकट जैसी स्थिति को नकार दिया। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की उपलब्धि से जोड़ते हुए कहा कि 2032 तक प्रदेश में बिजली का कोई संकट नहीं आने वाला।

पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के बाद पूरे जिले में कई दिनों से लोगों को बिजली की समस्या झेलनी पड़ रही है। भीषण गर्मी में बड़े पैमाने पर फाल्ट और ट्रिपिंग से घंटों-घंटों के लिए बिजली गुल हो जाने से लोग परेशान हैं। रविवार को ऊर्जा मंत्री के बरेली के दौरे पर होने के बावजूद यह संकट और ज्यादा हावी रहा। शहर के राजेंद्रनगर, डीडीपुरम, सुभाषनगर, सिविल लाइंस समेत ज्यादातर प्रमुख इलाकों में कई बार बिजली गुल हुई। इसके अलावा एबीसी केबिल जल जाने से रुहेलखंड विश्वविद्यालय के पीछे बसी कई कॉलोनियों में बिजली लगभग पूरे दिन नहीं आई। शनिवार रात आंधी आने से पूरे जिले में कई जगह खंभे और पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। शहर में तो लाइनें दुरुस्त कर दी गईं लेकिन देहात के कई इलाकों में 24 घंटे बाद भी सप्लाई चालू नहीं हो पाई। 

भीषण बिजली कटौती का मुद्दा जब सर्किट हाउस में ऊर्जा मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उठा तो उन्होंने इसे यह कहकर सिरे से खारिज कर दिया कि सब अच्छा है और कहीं कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने बिजली संकट के मुद्दे को सरकार की उपलब्धि से जोड़ते हुए कहा कि 2017 में जब भाजपा सरकार आई थी तो प्रदेश की क्षमता साढ़े 16 हजार मेगावाट की थी जो अब अगले साल गर्मी तक 28 हजार मेगावाट हो जाएगी। इस समय क्षमता 25 हजार मेगावाट की है। 2032 तक प्रदेश में कोई बिजली कोई संकट नहीं होगा। पिछली सरकार में सिर्फ चार जिले वीआईपी थे, बाकी 71 रामभरोसे चल रहे थे। पहले बिजली आना खबर थी और अब बिजली जाना खबर बन रही है। 

जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, गांवों को दी जा रही है 18 घंटे बिजली

ऊर्जा मंत्री ने दावा किया कि वह रोस्टर के हिसाब से सभी जनपदों में समान रूप से गांव को 18 घंटे, तहसील को 20 घंटे और जिला मुख्यालय को 24 घंटे बिजली दे रहे हैं। ट्रिपिंग पर कहा कि आंधी-बारिश में बिजली के तार टूट जाते हैं, उन्हें सही करने के लिए कुछ देर के लिए आपूर्ति बाधित होती है। हम उसे बहुत जल्द ठीक भी कर रहे हैं। कोरोना के कारण कुछ काम बाधित हुए हैं, अब भी प्रभावित हो रहे हैं लेकिन उन्हें ठीक किया जा रहा है। किसानों को अलग फीडर से बिजली दी जा रही है।

गर्मी के कारण बिजली की खपत बढ़ गई है। इस वजह से फाल्ट भी बढ़े हैं। सभी अवर अभियंताओं को सूचना मिलते ही तत्काल फाल्ट ठीक करने के निर्देश दिए हैं। – एनके मिश्रा, अधीक्षण अभियंता शहर  



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