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अगले तीन महीने में उत्तर प्रदेश को 487 नए पीसीएस अफसर और मिल सकते हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पीसीएस -2020 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जल्द ही घोषित होने जा रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में रिजल्ट आ सकता है और मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में इंटरव्यू किया जा सकता है। ऐसे में अप्रैल में अंतिम चयन परिणाम आने के पूरे आसार हैं।

यूपीपीएससी ने 17 फरवरी को पीसीएस -2019 का अंतिम चयन परिणाम जारी किया है। इसमें पीसीएस के 434 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। वहीं, पीसीएस 2020 के तहत 487 पदों पर भर्ती होनी है। आयोग ने पीसीएस -2019 की मुख्य परीक्षा का परिणाम तीन महीने में जारी किया था और इस बार पीसीएस -2020 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट दो महीने के भीतर जारी करने की तैयारी है। पीसीएस मुख्य परीक्षा 22 जनवरी से शुरू हुई थी। सूत्रों के मुताबिक आयोग में कॉपियों का मूल्यांकन अंतिम चरण में है और 10 मार्च से पहले मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी किए जाने की तैयारी है।

 पीसीएस -2020 की प्रारंभिक परीक्षा पिछले वर्ष 11 अक्टूबर को प्रदेश के 19 जिलों के 1282 केंद्रों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए पांच लाख 95 हजार 696 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे और इनमें से तीन लाख 14 हजार 699 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे। आयोग ने प्रारंभिक परीक्षा में 5535 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया था। अगर आयेाग 10 मार्च से पहले मेंस का रिजल्ट देता है तो यह भी नया नया रिकॉर्ड होगा। 

छंटनी के नियमों में बदलाव से जल्द आने वाले रिजल्ट

आयोग ने पीसीएस -2019 से दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। परीक्षा में अब पदों की संख्या के मुकाबले 13 गुना और मुख्य परीक्षा में दो गुना अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण किए जाने का नया मानक निर्धारित किया गया है। जबकि पहले यह मानक क्रमशः: 18 और तीन गुना था। इस बदलाव का असर पीसीएस -2019 में देखने को मिला और इसी कारण से पीसीएस -2020 की मुख्य परीक्षा का परिणाम भी रिकॉर्ड समय में आने की उम्मीद है। 

संशोधित हुआ था प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम

आयोग ने तकनीकी गड़बड़ी के कारण पीसीएस -2020 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम संशोधित किया था। ऐसे में विशिष्ट अर्हता वालों के प्रकार के पदों के लिए पूर्व परीक्षा में 1131 अभ्यर्थियों को मेरिट से बाहर होना पड़ा था। आयो ने सीडीपीओ और श्रम प्रवर्तन अधिकारी पद का रिजल्ट निरस्त, जारी हुआ नया परिणाम जारी किया था। हालांकि संशोधित परिणाम में बाहर होने वालों से अधिक संख्या में नए अभ्यर्थियों को मेरिट में शामिल किया गया था। ऐसे में कुल मिलाकर सफल होने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढक़र 5535 हो गई थी, जबकि पूर्व में जारी किए गए परिणाम में 5393 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था।

अगले तीन महीने में उत्तर प्रदेश को 487 नए पीसीएस अफसर और मिल सकते हैं। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) पीसीएस -2020 की मुख्य परीक्षा का परिणाम जल्द ही घोषित होने जा रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में रिजल्ट आ सकता है और मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में इंटरव्यू किया जा सकता है। ऐसे में अप्रैल में अंतिम चयन परिणाम आने के पूरे आसार हैं।

यूपीपीएससी ने 17 फरवरी को पीसीएस -2019 का अंतिम चयन परिणाम जारी किया है। इसमें पीसीएस के 434 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। वहीं, पीसीएस 2020 के तहत 487 पदों पर भर्ती होनी है। आयोग ने पीसीएस -2019 की मुख्य परीक्षा का परिणाम तीन महीने में जारी किया था और इस बार पीसीएस -2020 की मुख्य परीक्षा का रिजल्ट दो महीने के भीतर जारी करने की तैयारी है। पीसीएस मुख्य परीक्षा 22 जनवरी से शुरू हुई थी। सूत्रों के मुताबिक आयोग में कॉपियों का मूल्यांकन अंतिम चरण में है और 10 मार्च से पहले मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी किए जाने की तैयारी है।

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