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गोरखपुर8 घंटे पहले

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उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान किसानों के मुद्दे को लेकर विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। इस मौके पर योगी और विधानसभा अध्यक्ष ने पुरस्कार वितरण किया।

  • दीक्षा भवन में पूर्वांचल के विकास पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही यह बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश सरकार के नियोजन विभाग की ओर से तीन दिवसीय मेगा सेमिनार के उद्घाटन सत्र में कहा कि पूर्वांचल का विकास हॉवर्ड और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी नहीं कर सकते। इसको अपने विकास की गौरव गाथा स्वयं लिखनी होगी।

मुख्यमंत्री गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में ‘पूर्वांचल का सतत विकास: मुद्दे, रणनीतियां और आगे का रास्ता’ विषयक सेमिनार में बोल रहे थे। योगी ने कहा कि पूर्वांचल पूर्ववर्ती सरकारों की विकृत सोच के चलते पिछड़ता चला गया। गलत धारणा बनाकर पूर्वांचल के विकास को अवरूद्ध किया गया। जबकि विकास और समृद्धि की यहां प्रचूर संभावनाएं हैं। अब पूर्वांचल तेजी से तरक्की कर रहा है। पूर्वांचल को देश का सबसे समृद्ध क्षेत्र बनाएंगे।

पूर्वांचल के विकास की प्रचूर संभावना

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में विकास का प्रचूर संभावना है। जल, जंगल, जमीन की प्रचूरता के बीच विकास की गंगा बहाएंगे। पूरी दुनिया पूर्वांचल का अनुसरण करेगी। पूर्वांचल में भगवान राम, बुद्ध, गोरख से लेकर कबीर तक पैदा हुए। बुद्ध के छह प्रमुख तीर्थ स्थानों में से पांच पूर्वांचल में हैं। ऐसे में हम पिछड़े और गरीब कैसे हो सकते हैं। योगी ने कहा कि पूर्वांचल को यहां के जिम्मेदारों, नौकरशाहों और पूर्ववर्ती सरकारों के प्रतिनिधियों ने पीछे किया है।

पूरी दुनिया भारत का अनुसरण कर रही है- योगी

इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत का अनुसरण कर रही है। एक समय था जब हम देखते थे कि किसी मामले में दुनिया क्‍या कर रही है। आज दुनिया देख रही है कि भारत क्‍या कर रहा है। यह बदलाव नेतृत्‍व की वजह से है।

महराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्‍थापक सप्‍ताह समारोह के समापन कार्यक्रम में सीएम योगी ने गुरुवार को यह बातें कही। सीएम ने कहा कि जो बात देश पर लागू होती है वहीं संस्‍थाओं पर भी लागू होती है। हम पिछलग्गू बनेंगे या अपने कृतित्व से दूसरे के लिए प्रेरक। यह हम को ही तय करना है। संस्थाओं को भी ऐसी संकल्प के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू किया है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारियों से उन्‍होंने कहा कि वरिष्ठ शिक्षकों की टीम लगाएं और उन चीजों को देखें। शिक्षा के केवल सैद्धांतिक पक्ष नहीं बल्कि व्यवहारिक पक्ष को भी ध्‍यान में रखा जाए।

कोरोना काल में यह कार्यक्रम कराना बड़ी चुनौती

सीएम योगी ने कहा कि कोरोना काल में यह कार्यक्रम कराना बड़ी चुनौती था। लेकिन महराणा प्रताप शिक्षा परिषद के पदाधिकारियों और इससे जुड़े प्राचार्यों, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने दिखा दिया कि हर चुनौती एक नया अवसर भी देती है। सीएम योगी ने कहा कि यह वर्ष महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्‍थापक ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी के 125 वें जन्‍म जयंती का वर्ष भी है।

वहीं महाराणा प्रताप शिक्षा पर‍िषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य अतिथि विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र के साथ छात्र-छात्राओं, सर्वश्रेष्‍ठ शिक्षण संस्‍था और शिक्षकों को पुरस्कार वितरण किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षण संस्थाओं को यहां से सीखना चाहिए. क्योंकि भौतिक और ज्ञान यहाँ पर मिलते हैं, और शिक्षा की अग्नि में तपते हैं। आज का ये कार्यक्रम मेरी दृष्टि से अनूठा है।

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