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UP: बेटी से हुई छेड़छाड़ की FIR दर्ज कराने के लिए भूख हड़ताल पर बैठा पीड़ित परिवार

न्याय के लिए भूख हड़ताल पर बैठा परिवार.

हरदोई (Hardoi) में एक युवती से एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पीड़त परिवार कई महीने से थाने के चक्कर लगा रहा था, लेकिन पुलिस (Police) उसे लौटा देती थी. आखिरकार पीड़ित परिवार परेशान होकर डीएम कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल (Hunger Strike) पर बैठ गया.

हरदोई . जिले में छेड़छाड़ (Molestation) से आहत एक परिवार जिलाधिकारी कार्यालय के सामने भूख हड़ताल (hunger strike) पर बैठ गया. पीड़ित परिवार का आरोप है कि उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ की गई और उनके घर का सामान भी गायब कर दिया गया. जब इस मामले की शिकायत उन्होंने पुलिस से की, तो पुलिस ने उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं की. पांच महीने तक पीड़िता का परिवार कार्रवाई के लिए पुलिस के चक्कर लगाता रहा, लेकिन पुलिस (Police) ने कोई कार्रवाई नहीं की. इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर में पीड़ित परिवार के भूख हड़ताल पर बैठ गया.

प्रदेश में पुलिस ऐसी लापरवाही तब बरत रही है, जब सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं कि छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों में शिकायत मिलने पर पुलिस को तत्काल एफआईआर करनी होगी.लेकिन सीएम के आदेशों के बावजूद पुलिस ऐसे गम्भीर मामलों में भी हीलाहवाली करती दिखाई दे रही है, जिसके बाद पीड़ित परिवार धरने पर बैठने के लिए मजबूर हो गया.

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हरदोई में यह मामला शहर कोतवाली इलाके के एक गांव का है. जहां गांव के एक प्रधान के नजदीकी लोगों ने युवती के साथ जलेबी देने के बहाने छेड़छाड़. बेटी के चीखने पर पहुंचे पिता और उसकी बेटी की दबंगों ने पिटाई कर दी. इसके बाद पीड़ित परिवार शिकायत लेकर भटक रहा है, लेकिन सुनवाई के नाम पर महज पूछताछ भी करना पुलिस ने जरूरी नहीं समझा. पीड़ित परिवार का आरोप है कि इन लोगों ने उसकी दुकान से 3 हजार रुपये का सामान भी चुरा लिया है. पीड़िता के पिता दिव्यांग हैं और महात्मा हैं. आरोपियों के द्वारा छेड़छाड़ के बाद युवती ने 112  नंबर पर शिकायत की तो मौके पर पुलिस आई और दिनेश नाम के युवक को साथ ले गई, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया.



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