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रेलवे का तत्काल 'टिकट बुक' करने में IRCTC को देता था मात

रेलवे का तत्काल ‘टिकट बुक’ करने में IRCTC को देता था मात

यूपी STF ने ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग (Online Train Ticket Booking) में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह से जुड़े ट्रेवल एजेंट को दबोचा. गिरोह के पास से 245 टिकट, लैपटॉप सहित अन्य सामान भी बरामद.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 14, 2020, 2:21 PM IST

लखनऊ. यूपी एसटीएफ (STF) ने रविवार शाम आईआरसीटीसी (IRCTC) को हैक कर ऑनलाइन टिकट बुकिंग में सेंधमारी करने वाले बस्ती के ट्रेवल एजेन्ट को गिरफ्तार कर लिया. यह तत्काल प्लस, तत्काल कोडिंग, रेड मिर्ची, तेज समेत कई ऐप के माध्यम से ठगी करता था. इसके पास से 245 टिकट, दो तत्काल टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, कई दस्तावेज भी बरामद हुए हैं. इसके साथियों की तलाश की जा रही है. पुलिस इस गिरोह के रेलवे के कुछ कर्मचारियों से मिलीभगत का भी पता लगा रही है.

एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि जिनका टिकट निकालना होता है, उनका ब्योरा ये लोग पहले ही एक्सटेंशन के जरिये भर देते थे. इससे ये लोग 60 सेकेण्ड में ही टिकट बना लेते थे. जबकि रेलवे बुकिंग काउन्टर पर एक टिकट बनाने में करीब दो से ढाई मिनट का समय लगता है. इस कारण इस गिरोह की वजह से आम आदमी को तत्काल टिकट का फायदा नहीं मिल पाता था. ये लोग गलत तरीके से निकाले गये टिकट को दो से तीन गुना दामों में बेचते थे.

जनसेवा केंद्र के नाम पर फर्जीवाड़ा
सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान बस्ती के छावनी, मलौली निवासी सद्दाम हुसैन अंसारी के रूप में हुई है. इसके बारे में सूचना मिली थी कि मलौली कस्बे से अवैध एक्स्टेंशन की बिक्री की जा रही है. इन एक्सटेंशन के जरिये ही तत्काल टिकट निकाल कर उनकी अवैध तरीके से बिक्री कर जालसाजी हो रही है. पड़ताल में सामने आया कि सद्दाम अपने घर पर अंसारी टूर एंड ट्रैवेल्स नाम से आफिस खोले हुए है. इसमें रेलवे के ई-टिकट व जनसेवा केंद्र के काम की आंड़ में यह फर्जीवाड़ा किया जा रहा है. इस पर ही एसटीएफ ने छापा मारा तो कई राज खुल गये.कई प्रदेशों में फैला हुआ नेटवर्क

डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक सद्दाम के व्हाटसएप चैट पर एक्सटेंशन की खरीद-फरोख्त के सुबूत मिले. आरोपी ने कुबूला कि उसके पास दो लैपटाप है. वह एनीडेस्क की मदद से अपने सम्पर्क में रहने वालों के कंप्यूटर पर ये एक्सटेंशन इंस्टाल कर देता था. उसके जरिये ये काम उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई प्रदेशों में किया जा रहा है. इन ऐप से ही रेलवे की तत्काल टिकट प्रणाली में सेंध लगाकर अन्य माध्यम से टिकट बुक कर अवैध तरीके से कमाई कर रहे थे.



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