लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) से गिरफ्तार पीएफआई (PFI) के दो सदस्यों बदरुद्दीन और फिरोज को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया. इस दौरान कोर्ट ने इन दोनो को 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड (Police Custody Remand) पर एटीएस (UP ATS) के सुपुर्द कर दिया. ये रिमांड अवधि आज से ही शुरू हो रही है. एटीएस अब 24 फरवरी को इन दोनों से पूछताछ के बाद और कोर्ट में पेश करेगी.

बता दें यूपी एसटीएफ ने इन दोनों की गिरफ्तारी की थी और एटीएस ने मुकदमा पंजीकृत किया था. मामले में अब आगे की तफ्तीश एटीएस कर रही है. गिरफ्तारी के दौरान दोनों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार भी बरामद किए गए. पुलिस का मानना है कि दोनों आरोपी बड़ी साजिश को अंजाम देने के फिराक में थे. अब 7 दिन की रिमांड अवधि के दौरान पुलिस इन आरोपियों के नेटवर्क और निशाने पर विस्तृत पूछताछ करेगी.

यूपी में अब तक 123 लोगों की गिरफ्तारी

बता दें इससे पहले इनकी गिरफ्तारी के बाद यूपी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की थी. उन्होंने बताया कि इन दोनों के संबंध पीएफआई (PFI) नामक आतंकी संगठन से हैं. एडीजी ने कहा कि इनकी योजना बसंत पंचमी के आसपास कई जगह कार्यक्रमों में धमाका कर कई वरिष्ठ अधिकारियों और आम जनता में आतंक फैलाना था. पिछले एक साल में इस संगठन के 123 लोगों को यूपी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. केरल के बदरुद्दीन और फिरोज खान पीएफआई के दो सदस्य हैं, जिन्हें यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है.

उच्च क्षमता के विस्फोटक हुए बरामद

प्रशांत कुमार ने कहा कि पीएफआई संगठन बुद्धिजीवियों को दिग्भ्रमित करने का काम करता है. दिल्ली हिंसा में भी इस संगठन की भूमिका का अंदेशा है. उन्होंने बताया कि ये संगठन छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर ट्रेनिंग दे रहा है. शुरुआती जांच में पता चला है कि बसंत पंचमी पर हिंदू संगठनों के कार्यक्रम में विस्फोट की तैयारी थी. पीएफआई वर्ग विशेष के युवकों को देश के खिलाफ तैयार कर रही है. गिरफ्तार बदरुद्दीन और फिरोज खान से विस्फोटक बरामद किए गए हैं, जो उच्च क्षमता के हैं. इनमें 16 विस्फोटक डिवाइस, बैट्री, डेटोनेटर और लाल रंग के तार बरामद हुए हैं. आरोपियों से 32 बोर की एक पिस्टल और 7 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं.





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