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लखनऊ4 घंटे पहले

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लखनऊ के काकोरी ब्लॉक पर जारी मतगणना। - Dainik Bhaskar

लखनऊ के काकोरी ब्लॉक पर जारी मतगणना।

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में हुए पंचायत चुनाव के लिए वोटों की गिनती रविवार सुबह 8 बजे से अभी भी जारी है। ये चुनाव सत्ताधारी BJP (भारतीय जनता पार्टी) के साथ-साथ विपक्षी दल समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के लिए भी अहम है। अगले साल 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव हैं। इस चुनाव में असली ताकत जिला पंचायत से तय होगी। फिलहाल BJP को बढ़त मिलती दिख रही है। लेकिन राम की नगरी अयोध्या में BJP को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा है। यहां 40 में से 24 सीटों पर SP ने कब्जा जमाया है। BJP के खाते में सिर्फ छह सीट आई है। मायावती की BSP ने 5 सीट पर जीत हासिल की है।

फाइनल परिणाम मंगलवार सुबह तक आने की संभावना

पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, प्रधान और ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य पदों के 12 लाख 89 हजार 930 कैंडिडेट्स उतरे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार अभी तक प्रदेश के सभी जिलों में 2,32,6,12 ग्राम पंचायत सदस्य और 38,317 प्रधान एवं 55,926 क्षेत्र पंचायत सदस्य और 181 जिला पंचायत सदस्य जीत चुके हैं। अभी 826 मतदान केंद्रों पर मतगणना हो रही है। जिसके परिणाम मंगलवार सुबह तक आने की संभावना है।

वाराणसी में BJP पिछड़ी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जिला पंचायत सदस्य की 40 सीटों पर BJP के 7 उम्मीदवार जीते हैं और समाजवादी पार्टी ने 15 पदों पर अपना कब्जा जमाया है। अभी पूरे परिणाम नहीं आए हैं।

पार्टियों ने इतने परिणामों पर किया अपना दावा

पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सीटों पर राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार उतारती है। जिन्हें पार्टी समर्थित उम्मीदवार कहा जाता है। लेकिन चुनाव आयोग उन्हें अपने अधिकृत सिंबल पर चुनाव लड़ने की इजाजत देता है। जीते हुए प्रत्याशियों में BJP ने दावा किया है कि उसके 720 समर्थित अभी तक जीत चुके हैं। ​​वहीं, समाजवादी पार्टी के 689, BSP के 266, कांग्रेस के 145 जीत चुके हैं। निर्दलीय में आम आदमी पार्टी समेत 637 निर्दलीय के संबंधित परिणाम आ गए हैं।

कुछ बड़े चेहरों और चुनाव के क्या रहे परिणाम?

  • मैनपुरी जिले में यादव परिवार से बगावत कर BJP के टिकट से जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ रही मुलायम सिंह यादव की भतीजी संध्या यादव चुनाव हार गई हैं। संध्या यादव पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव की बड़ी बहन हैं। उन्हें SP नेता प्रमोद यादव की पत्नी ने हराया है। हालांकि अभी अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
  • आजमगढ़ में दिवंगत सपा नेता और पूर्व मंत्री पारसनाथ यादव की छोटी बहू उर्वशी यादव वार्ड नं 52 से जिला पंचायत का चुनाव 492 वोट से हार गई, BSP की प्रीति पाल जीती हैं।
  • प्रतापगढ़ में वार्ड संख्या 51 से आम आदमी पार्टी समर्थित प्रत्याशी प्रमोद पटेल जिला पंचायत सदस्य पद पर विजयी घोषित हुए।
  • प्रतापगढ़ में AIMIM ने एंट्री मारी है। यहां बेलखरनाथ 2 से तजरुन निशा ‘शुजात उल्ला’ लगभग 602 वोट से जीते।
  • प्रतापगढ़ में 55 सीट में 18 सीट पर राजा भैया की जनसत्ता पार्टी आगे चल रही है। BJP -12 सीट, कांग्रेस 12 सीट, समाजवादी पार्टी 10 सीट पर आगे, 3 पर अन्य आगे हैं।
  • जौनपुर में जिला पंचायत सदस्य सिकरारा से पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला धनंजय सिंह रेड्डी विजयी हुई। वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष की पत्नी राजकुमारी देवी को हराया। वहीं मॉडल दीक्षा सिंह पांचवें नंबर पर रही।

420 सीटों पर BJP ने बनाई बढ़त

अयोध्या और वाराणसी को छोड़कर अन्य जिलों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का पंचायत चुनावों में अच्छे प्रदर्शन का दौर जारी है। जिला पंचायत चुनाव में BJP को बड़ी जीत मिलती दिख रही है। 3050 सीटों में से अब तक करीब 2008 सीटों के रिजल्ट घोषित हो चुके हैं। ऐसे में BJP 720 सीटें जीत चुकी हैं। वहीं 420 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। यही नहीं कुल 400 निर्दलीय BJP के संपर्क में हैं। वहीं अगर सभी विपक्षी दलों की सीटों को जोड़ा जाए तो भी प्रदेश की अन्य पार्टियां BJP के बराबर सीटें नहीं जीत पाई है। यानी कि राज्य के जिला पंचायत चुनाव के नतीजों में भी कमल का जलवा कायम है। जिला पंचायत सदस्य नतीजों में समाजवादी पार्टी और BSP के दिग्गज नेताओं के सगे संबंधियों को हार का सामना करना पड़ा है। सपा के कद्दावर नेता और नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी के बेटे अपनी सीट नहीं बचा पाए।

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