जबरन धर्मांतरण केस की जांच के दौरान 7 कोड वर्ड मिले हैं, जिसमें से 6 को डिकोड करके उसका मतलब पता कर लिया गया है

Big Disclosure in Uttar Pradesh conversion case: अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया है क‍ि अलग-अलग जगह से हमने 5 गिरफ्तारियां की हैं. बड़े सबूत और साक्ष्य मिले हैं और यह कोई छोटा मामला नहीं है. मुख्यमंत्री जी ने खुद बैठक ली है सभी जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है सख्ती से कार्रवाई करें किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं हमारी जांच एजेंसियां धीरे-धीरे बड़े खुलासे की तरफ बढ़ रहे हैं अभी बहुत कुछ करना बाकी है.

यूपी एटीएस (UP ATS) ने जबरन धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा करते हुए बताया है क‍ि उन्‍हें इस केस की जांच के दौरान 7 कोड वर्ड मिले हैं, जिसमें से 6 को डिकोड करके उसका मतलब पता कर लिया गया है, लेकिन एक कोडवर्ड का मतलब अभी पता नहीं चला है. वहीं इस मामले में यूपी सरकार के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने बताया क‍ि धर्म पर‍िवर्तन मामले में प्रदेश के 32 जिलों समेत देश के 24 राज्यों में छापेमारी हो रही है. उन्‍होंने बताया क‍ि मूक बधिर बच्चों और अन्‍य लोगों का ब्रेनवाश कर उमर गौतम का गिरोह कोड वर्ड का इस्‍तेमाल करता था. यूपी एटीएस, एसटीएफ और पुलिस लगातार काम कर रही है अब तक 5 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और शेष गिरफ्तारि‍यों के लिए छापेमारी जारी है.

इस केस से जुड़ी 10 बड़ी बातें

‘रिवर्ट बैक टू इस्लाम प्रोग्राम’ यानी धर्म को परिवर्तन करना डेफ सोसाइटी की टीचर यही काम करती थी और इस कोड के जरिए बातचीत करती थी. छात्रों को इसी कोड के साथ बतचीत कर धर्मांतरण की तरफ ले जाती थी.

‘मुतक्की’ इस शब्द का मतलब एटीएस को पूछताछ में पता चला है कि हक और सच को तलाश करना है. इसको बार-बार बोलकर बच्चों और अन्य में बातचीत के लिए प्रयोग किया जाता था.

‘सलात’ यह शब्द नमाज के लिए कहा जाता था. इस्लाम मे जो धर्मांतरण करता तो उसको यह जिम्मेदारी दी जाती थी. यह शब्द बहुत बार बोला जाता था जिससे आम बोलचाल में भी बोल जा सके.

‘रहमत’ यानी कि बाहर विदेशों से आने वाला फंड इसी नाम के कोड से बातचीत किया जाता था. इस वजह से किसी को शक नही होता था कि वह क्या कर रहे हैं.

‘अल्लाह के बंदे’ यानी कोई यूट्यूब या सोशल मीडिया से मूक बधिरों के लिए डाले वीडियो लाइक करता था.

मोबाइल नंबर और जन्मतिथि, यह कोडवर्ड में धर्म परिवर्तन करवाने का नाम था. एक आईडी के रूप में इसको बनाया जाता था जिसका आगे इस्तेमाल किया जाता था.

‘कौम का कलंक’ नाम से एक कोडवर्ड मिला है जिसे डिकोड नहीं किया जा सका है. इसकी जांच की जा रही है एटीएस आईजी के मुताबिक, धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार किए गए. एटीएस की जांच में अभी पता चला है कि जिस साईन लैंग्वेज में बात करने के लिए कोडवर्ड का प्रयोग किया जाता रहा है.

अवनीश अवस्थी ने बताया क‍ि इसमें विदेशी फंडिंग और हवाला का मामला भी सामने आया है. 1.50 से 2 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्‍शन विदेशी खातों से हुआ है हमारी एजेंसियां जांच को आगे बढ़ा रहे हैं. यह इंटरनेशनल बॉर्डर से भी जुड़ा मामला है लिहाजा हम केंद्रीय जांच एजेंसियों से भी जांच से जुड़ी बातें शेयर कर रहे है.

उन्होंने कहा क‍ि अलग-अलग जगह से हमने 5 गिरफ्तारियां की हैं. बड़े सबूत और साक्ष्य मिले हैं और यह कोई छोटा मामला नहीं है. मुख्यमंत्री जी ने खुद बैठक ली है सभी जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है सख्ती से कार्रवाई करें किसी को छोड़ा नहीं जाएगा. हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं हमारी जांच एजेंसियां धीरे-धीरे बड़े खुलासे की तरफ बढ़ रहे हैं अभी बहुत कुछ करना बाकी है.

धर्मांतरण को लेकर सीएम योगी आद‍ित्‍यनाथ ने की बड़ी बैठक- प्रदेश की सभी जांच एजेंसियों को न‍िर्देश दिया है. कहा है क‍ि सख्‍ती से की जाए कार्रवाई. जांच के तह में जाकर एक-एक बिंदु पर जांच की जाए. धर्मांतरण में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जाएगा. मुख्यमंत्री का निर्देश हर जिले में धर्मांतरण करने वालों या उनके गिरोह पर नजर रखी जाए और सख्त कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने डीजीपी अपर मुख्य सचिव ग्रह एटीएस और एसटीएफ के बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की थी. यह बैठक सोमवार देर रात तक चली थी.



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